मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।

सड़कों, पुल-पुलियों और सरकारी भवनों के निर्माण के लिए होने वाले टेंडर को पाने के लिए 15 प्रतिशत और उससे भी अधिक कम दर पर काम पाने वाले ठेकेदारों से अब सरकार अतिरिक्त परफार्मेंस सिक्योरिटी जमा कराएगी। इन ठेकेदारों द्वारा किए जा रहे कामों के साथ ही पूर्व में कराए गए निर्माण कार्यों की जांच कराई जाएगी।सरकार के इस निर्णय से टेंडर में आगणित लागत से भी कम लागत पर टेंडर हासिल कर काम की गुणवत्ता से खिलवाड़ करने की प्रवृत्ति पर रोक लगेगी।सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई। इसका उद्देश्य निर्माण कार्य की गुणवत्ता में सुधार करना है। परफार्मेंस सिक्योरिटी की भारी भरकम धनराशि देख ठेकेदार अथवा निर्माण एजेंसी विभाग द्वारा आगणित लागत से बहुत कम रेट पर टेंडर डालने से बचेंगे।टेंडर में 15 प्रतिशत और उससे भी अधिक कम दरों के आधार पर काम पाने वाले ठेकेदारों द्वारा वर्तमान में किए जा रहे कार्यों की गुणवत्ता जांच कराई जाएगी। अधिक कम दरों पर काम हासिल करने वाले ठेकेदार जिनका प्रदेश में कोई कार्य नहीं चल रहा है और तकनीकी बिड खुलने की तिथि से दो वर्ष पहले तक कोई निर्माण कार्य पूरा नहीं किया गया है, उनसे अतिरिक्त परफार्मेंस सिक्योरिटी जमा कराई जाएगी।आगणित लागत से 15 से 20 प्रतिशत तक कम रेट डालने पर 100 प्रतिशत तथा 20 प्रतिशत से भी अधिक कम रेट डालने पर आगणित लागत और निविदादाता की लागत के अंतर का 150 प्रतिशत अतिरिक्त परफार्मेंस सिक्योरिटी जमा करनी पड़ेगी।

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