आज उत्तराखण्ड राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण से जुड़े गंभीर मुद्दों पर राज्य स्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में बाल तस्करी, गुमशुदा बच्चों, बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति, बाल यौन शोषण, किशोर अपराध, नशे की गिरफ्त में आ रहे बच्चों तथा सामाजिक उत्पीड़न जैसे संवेदनशील विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। सभी संबंधित विभागों, पुलिस प्रशासन, बाल कल्याण समितियों एवं हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

बैठक में गुमशुदा बच्चों के आंकड़ों की समीक्षा, ड्रॉपआउट बच्चों की पहचान हेतु तकनीकी साधनों के उपयोग, रेस्क्यू किए गए बच्चों के प्रभावी फॉलोअप तथा विभागों के मध्य सूचना साझाकरण को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही नशे की चपेट में आ रहे बच्चों के पुनर्वास एवं पुनरुत्थान के लिए पृथक व्यवस्था विकसित किए जाने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिया गया।
हमारा संकल्प है कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, संरक्षित और सम्मानजनक वातावरण मिले। बच्चों के अधिकारों की रक्षा एवं उनके विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम हेतु आयोग निरंतर सजग, सक्रिय एवं प्रतिबद्ध है / इस अवसर पर राज्य बाल आयोग के सदस्य और अधिकारी मौजूद रहे

