नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में असम के मंत्री केशव महंता की बेटी के शामिल होने के वीडियो सामने आने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि उनके कैबिनेट सहयोगी को ट्रोल नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि हो सकता है कि वह अपने पिता की राजनीतिक विचारधारा को न मानती हो।
गुरुवार को परीक्षा में गड़बड़ियों और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन ने तब सबका ध्यान खींचा जब असम गण परिषद (AGP) नेता केशव महंता की बेटी दिबिसा भी इसमें शामिल हुईं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारे लगाने और प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाले उनके वीडियो क्लिप सोशल मीडिया पर काफी शेयर किए गए हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई ने इन क्लिप की सच्चाई की पुष्टि नहीं की है।
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए सरमा ने शनिवार को कहा, “मुझे नहीं लगता कि हमें केशव महंता की बेटी के विरोध प्रदर्शन के लिए उन पर हमला करना चाहिए या उन्हें ट्रोल करना चाहिए। हो सकता है कि वह अपने पिता की राजनीतिक विचारधारा को न मानती हों। कल जब मेरा बेटा वकालत करेगा तो हो सकता है कि वह किसी ऐसे व्यक्ति का बचाव करे जिसे मैं पसंद न करता होऊं।”
उन्होंने कहा कि जब बच्चे बड़े हो जाते हैं तो उनके कामों को उनके माता-पिता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए। सरमा ने कहा, “मैं उनके लगाए गए नारों से सहमत नहीं हूं। जब मैं उनसे अगली बार मिलूंगा तो निश्चित रूप से इस बारे में बात करूंगा और उन्हें समझाने की कोशिश करूंगा कि उन्होंने जो कहा वह सही नहीं था।” असम के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री केशव महंता से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी।

