GANGA NEWS 24 – हरिद्वार
Sampadak – Kuldeep Sharma
BREAKING NEWS: 18 साल से कम बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लग सकता है बैन, सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को भेजा नोटिस
हरिद्वार। 18 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट सख्त हो गया है। कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
क्या है पूरा मामला?
Just Rights for Children Alliance नाम के NGO की ओर से सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में कहा गया है कि नाबालिगों को सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के खतरों से बचाने के लिए ठोस सुरक्षा उपाय लागू किए जाएं।
सुप्रीम कोर्ट ने भेजा नोटिस

याचिका में बताया गया है कि Facebook और Snapchat जैसे कई बड़े प्लेटफॉर्म 13 साल की उम्र से ही अकाउंट बनाने की अनुमति दे देते हैं, जबकि भारतीय कानून के तहत 18 साल से कम उम्र के सभी लोग नाबालिग माने जाते हैं।
याचिका में 3 बड़ी मांगें:
1. 18 साल से कम उम्र के बच्चों को डिजिटल प्लेटफॉर्म इस्तेमाल करने के लिए माता-पिता या कानूनी अभिभावक की अनिवार्य सहमति और भागीदारी जरूरी हो।
2. सूचना प्रौद्योगिकी नियम, 2021 (IT Rules, 2021) में बदलाव या नए दिशा-निर्देश बनाए जाएं।
3. डिजिटल प्लेटफॉर्म को किसी भी नाबालिग के साथ अनुबंध करने से पहले माता-पिता की पहचान की पुष्टि और e-KYC जैसी प्रक्रिया अपनानी होगी।
बच्चों को किन खतरों से बचाना है?
याचिकाकर्ता का कहना है कि बिना निगरानी के बच्चों की सोशल मीडिया तक पहुंच उन्हें कई गंभीर जोखिमों में डाल रही है, जैसे –
- ऑनलाइन ग्रूमिंग और यौन शोषण
- मानव तस्करी (Trafficking)
- साइबर बुलिंग
- निजी डेटा का गलत इस्तेमाल और व्यवहार की प्रोफाइलिंग
- उम्र के हिसाब से अनुचित सामग्री
अभी क्या हुआ?
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को नोटिस जारी कर इस याचिका पर जवाब मांगा है। इसका मतलब है कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर माता-पिता की अनुमति को लेकर अभी कोई नया नियम लागू नहीं हुआ है, बल्कि इस पर सुनवाई शुरू हुई है।
आने वाले दिनों में केंद्र सरकार का जवाब तय करेगा कि क्या भारत में भी ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों की तरह बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्त पाबंदी लगेगी।

