🚆💧 “पानी से चलती है” मैंने इसलिए लिखा, क्योंकि इस ट्रेन का ईंधन (Hydrogen) पानी से भी बनाया जा सकता है।
पानी को Electrolysis नाम की प्रक्रिया से हाइड्रोजन और ऑक्सीजन में अलग किया जाता है। अगर इस प्रक्रिया में इस्तेमाल होने वाली बिजली Solar, Wind या Hydro जैसी Renewable Energy से आए, तो बनने वाली हाइड्रोजन को Green Hydrogen कहा जाता है।
इसके बाद यही हाइड्रोजन ट्रेन के Fuel Cell में हवा की ऑक्सीजन के साथ प्रतिक्रिया करती है, जिससे बिजली बनती है। यही बिजली ट्रेन के मोटर को चलाती है। इस पूरी प्रक्रिया में धुएँ या कार्बन डाइऑक्साइड की जगह मुख्य रूप से पानी (Water Vapour) और थोड़ी गर्मी निकलती है।
🇮🇳 आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरियाणा के जींद से भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। यह भारत के स्वच्छ और भविष्य के रेल परिवहन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
क्या आपको लगता है कि भविष्य में भारत की ज़्यादातर ट्रेनें हाइड्रोजन तकनीक पर चलेंगी? अपनी राय कमेंट में ज़रूर बताइए

