टेंडर प्रक्रिया में लगाए गंभीर आरोप 61 करोड़ की लागत से बनने वाला सती कुंड मैं लगाया भ्रष्टाचार का आरोप
कुंभ 2027 कार्य के तहत हो रहा है कार्य इससे पहले 2021 को में भी हुआ था सौंदर्य करन मात्र 5 साल में दोबारा करना पड़ रहा है सौंदर्य करण
पौराणिक सती कुंड
भाजपा नेता अशोक त्रिपाठी के एक विवादास्पद बयान
के बाद हरिद्वार कनखल क्षेत्र में स्थित पौराणिक
स्थल सती कुंड खासी सुर्ख़ियों में है।
सती कुंड एक
अत्यंत पवित्र पौराणिक स्थल है। मान्यता है कि यहीं
माता सती ने अपने पिता राजा दक्ष द्वारा भगवान शिव
के अपमान से कुपित होकर यज्ञ कुंड की अग्नि में
कूदकर अपने प्राण त्याग दिए थे।
हरिद्वार कॉरिडोर योजना के तहत इस पौराणिक , आध्यात्मिक स्थल को लगभग ₹ 64 करोड़ की लागत
से एक आस्था केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। जिस पर निर्माण कार्य शुरू हो गया है।
मेला अधिकारी सोनिका सिंह की माने तो योजना के तहत् सती कुंड के “‘पौराणिक, आध्यात्मिक'” महत्व को दृष्टिगत रख कर यहाँ कुंड के चारो ओर वॉकवे और वॉल पेंटिंग , पवित्र जल की व्यवस्था ,सौंदर्यकरण आदि नई सुविधाएं भी विकसित की जाएगी । योजना से जुड़े तकनीकी अधिकारी निर्माण कार्य ओर गुणवत्ता की लगातार मॉनिटरिंग करेंगे।
योजना समय रहते परवान चढ़ी तो कुंभ मेला के
अवसर पर सती कुंड तीर्थ यात्रियों की “श्रद्धा” ओर
पर्यटकों के “आकर्षण” का केंद्र होगा।

