मनोज ठाकुर
माइनिंग ट्रांसपोर्टरों ने जिला खनन अधिकारी को सौंपा ज्ञापन, ई-चालान और ई-रवन्ना में आ रही दिक्कतों पर राहत की मांग
हरिद्वार। माइनिंग ट्रांसपोर्टरों एवं वाहन स्वामियों ने जिला खनन अधिकारी हरिद्वार को ज्ञापन सौंपकर वर्तमान ई-चालान, ब्लैकलिस्टिंग और ई-रवन्ना व्यवस्था में आ रही व्यावहारिक समस्याओं के समाधान की मांग की है।

ज्ञापन में 4 प्रमुख मांगें –

1. चेकपोस्ट के बावजूद ई-चालान – माइनिंग रूटों पर 2-3 खनन चेकपोस्ट हैं जहां रॉयल्टी/ई-रवन्ना सत्यापन होता है, फिर भी नो-एंट्री में वाहन रोकने से ई-रवन्ना समय समाप्त होने पर MDTSS कैमरे से चालान हो रहा है। मांग – चेकपोस्ट रिकॉर्ड, ई-रवन्ना और MDTSS डेटा मिलान कर चालान से राहत दी जाए।
2. ई-चालान की तत्काल सूचना नहीं – कैमरे से चालान की जानकारी महीनों बाद पोर्टल पर दिखती है। मांग – चालान जारी होते ही रजिस्टर्ड मोबाइल पर SMS/डिजिटल सूचना अनिवार्य हो।

3. नो-एंट्री अवधि का समायोजन – अचानक लगी नो-एंट्री में वाहन घंटों खड़ा रहता है जिससे ई-रवन्ना एक्सपायर हो जाता है। मांग – नो-एंट्री अवधि को ई-रवन्ना की वैधता में जोड़ा जाए।
4. एक वाहन में दो सामग्री – निर्माण में कोर्स सैंड और 20 MM रोडा दोनों की जरूरत होती है, पर एक समय में एक ही सामग्री की रॉयल्टी जारी होती है। मांग – एक वाहन में दो प्रकार की खनन सामग्री ले जाने की अनुमति मिले।
ट्रांसपोर्टरों ने कहा प्रशासनिक कारणों से हो रहे अनावश्यक चालानों पर तुरंत रोक लगे। मीडिया के द्वारा जिला खनन अधिकारी अमित जी से संपर्क करने की कोशिश की गई परंतु उनके द्वारा फोन रिसीव नहीं किया गया इस अवसर पर खनन ट्रांसपोर्ट यूनियन के राधेश्याम शर्मा राहुल प्रजापति प्रदीप मोहम्मद मोहसिन प्रवीण गब्बर सिंह जीवाराम शादाब दिलशाद बस्तीअमित ललित मेहता कॉफी संख्या में खनन ट्रांसपोर्टर मौजूद रहे

