एक आई पी एस ऐसी भी जिन्होंने स्वाभिमान के साथ समझौता नहीं किया
2019 बैच की आई पी एस #काम्या #मिश्रा महज़ 22 साल की उम्र में यूपीएससी परीक्षा उत्तीर्ण कर आईपीएस बनी
अपनी सख्ती पुलिसिंग और #लेडी #सिंघम के नाम से मशहूर काम्या विहार कैडर की तेज तर्रार महिला आईपीएस अधिकारी रही
काम्या महज 5 वर्ष की अवधि में ही स्वाभिमान से समझौते किए बगैर वर्ष 2024 में इस्तीफ़ा देकर
चली गईं पिता की इकलौती संतान थीं पिता का बड़ा कारोबार स्टील का कारोबार था जिसे देखने वाला कोई नहीं था
वर्ष 2025 में बिहार सरकार काम्या मिश्रा का इस्तीफ़ा स्वीकार कर लिया
इसके बाद काम्या मिश्रा अपने गृह जिले उड़ीसा के रायरंगपुर चली गईं और पिता के कारोबार को संभाल ली आज काम्या मिश्रा जीएम आयरन एंड स्टील में #डायरेक्टर के तौर पर काम कर रही हैं
हालांकि की काम्या मिश्रा के पति वर्तमान में बिहार सरकार में आईपीएस अधिकारी हैं
काम्या मिश्रा पाँच साल के कार्य काल में बड़े बड़े नेताओं के पसीने छुड़ा दिए

