केंद्रीय राज्य मंत्री के नाम और कथित फर्जी पद का इस्तेमाल कर वर्षों तक सरकारी प्रोटोकॉल लेने के मामले में मनकापुर कोतवाली में सर्वेश पाठक के खिलाफ केस दर्ज हुआ है
। मामला सामने आने के बाद प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं कि बिना पर्याप्त सत्यापन के कथित वीआईपी को सरकारी कार्यक्रमों में प्रोटोकॉल और सम्मान कैसे मिलता रहा।
मुकदमा केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह के अपर निजी सचिव यूपी सिंह की तहरीर पर दर्ज किया गया। आरोप है कि सर्वेश पाठक स्वयं को राष्ट्रीय महासचिव भारतीय श्रमिक कामगार कर्मचारी महासंघ और वाइस चेयरमैन पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन संवर्धन प्रकृति कल्याण परिषद भारत बताता था। कथित रूप से कूटरचित लेटर पैड के माध्यम से जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को पत्र भेजकर सरकारी प्रोटोकॉल प्राप्त करता रहा।

