राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने हाल ही में एक कार्यक्रम में शादी, लिव इन रिलेशनशिप, एलजीबीटीक्यू समुदाय और जनरेशन जेड पीढ़ी पर खुलकर बात की।
उन्होंने जहां शादी को अनुशासन बताया है वहीं, लिव-इन रिलेशनशिप के बारे में भी बताया। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत हैदराबाद में 26 जुलाई, 2026 को ‘समकालीन मातृत्व’ (contemporary motherhood) पर विश्व मांगल्य सभा द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने कहा-‘शादी एक ऐसा अनुशासन है जो धर्म सिखाता है। इसका विकल्प लिव-इन रिलेशनशिप बन रहा है। आधुनिकता। इसके क्या नतीजे हैं? हम जिम्मेदारियां नहीं, बल्कि खुशी चाहते हैं। जब चाहें साथ रहें और जब न चाहें तो अलग हो जाएं। कोई जिम्मेदारी नहीं। इससे क्या बढ़ेगा? दुनिया भर में क्या बढ़ रहा है, जरा देखिए’

