बताया जा रहा है कि ये दोनों पति-पत्नी धार्मिक यात्रा पर खाटू श्याम जा रहे थे। रास्ते में उन्होंने उस ढाई साल की मासूम बच्ची को हाईवे पर छोड़ दिया और आगे बढ़ गए। रोती हुई अकेली बच्ची को देखकर राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी।
पुलिस ने कई दिनों तक सोशल मीडिया अभियान चलाया, लोगों की मदद ली और कड़ी मेहनत के बाद इस अमानवीय कृत्य का खुलासा किया।
कुछ खबरों में यह भी कहा जा रहा है कि बच्ची को किसी ब्यूटी पार्लर चलाने वाली महिला से खरीदा गया था, जिससे यह मामला चाइल्ड ट्रैफिकिंग से जुड़ा हुआ भी हो सकता है। पुलिस ने जब गोद लेने से संबंधित कागजात मांगे तो उनके पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि कुछ लोग पैसों के घमंड में इंसानियत को भी खरीदने की सोच रखते हैं।

