पुरुष बली नहि होत है, समय होत बलवान…। जिस IAS अफसर को आजम खान ने 2019 में तनखैय्या कहा था, अपने जूते साफ कराने की हसरत पाली थी, वही अधिकारी अब रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के मुस्तकबिल का फैसला करेगा

पुरुष बली नहि होत है, समय होत बलवान…। जिस IAS अफसर को आजम खान ने 2019 में तनखैय्या कहा था, अपने जूते साफ कराने की हसरत पाली थी, वही अधिकारी अब रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के मुस्तकबिल का फैसला करेगा


रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) के अध्यक्ष मुरादाबाद मंडल के कमिश्नर आन्जनेय सिंह हैं। वहीं अपीलीय अधिकारी भी हैं। RDA के उपाध्यक्ष यानी डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने 15 जुलाई को यूनिवर्सिटी के ध्वस्तीकरण का आदेश दिया है।
इस मामले से जुड़े आर्किटेक्ट कहते हैं कि जौहर यूनिवर्सिटी को बचाने के लिए आजम खान को करीब ₹100 करोड़ से ज्यादा चुकाने पड़ सकते हैं। प्राधिकरण के फाइन से बचने के लिए आजम के पास 3 रास्ते हैं।
पहला- RDA में 38 बिल्डिंगों के मैप कंपाउंडिंग के जरिए पास कराएं। ये इतना आसान नहीं होगा। क्योंकि उन्हें विकास शुल्क, लेबर सेस, कंपाउंडिंग फीस और इंपैक्ट की भारी भरकम फीस भरनी होगी।
दूसरा- आजम के पास हाईकोर्ट जाने का भी रास्ता है, लेकिन नक्शे पास कराने के लिए उन्हें आखिर में RDA के पास ही जाना पड़ेगा।
तीसरा- कमिश्नर आन्जनेय सिंह के पास जाएं और RDA ऑर्डर को होल्ड कराने के लिए आवेदन दें।

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