अटल बिहारी वाजपेयी जी सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि “सुशासन” की परिभाषा थे। पंडित अधीर कौशिक

अटल बिहारी वाजपेयी जी सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि “सुशासन” की परिभाषा थे।

श्रद्धेय अटल जी की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन आज देश में जो भी विकास की लहर बह रही है वह सब श्रद्धेय अटल जी की देन है ऐसे नेता जो पक्ष विपक्ष के प्रिया रहे हमेशा सच्चाई का साथ दिया श्रद्धेय अटल जी को दिल से नमन

वर्तमान सरकार को भी अटल जी से सीख लेनी चाहिए

शत शत नम । “जय श्री राम संगठन” की तरफ से बना ये चित्र अटल जी के व्यक्तित्व को बहुत अच्छे से दर्शाता है।

वर्तमान शासन सत्ता के संदर्भ में अटल जी पर राय

वर्तमान शासन सत्ता को मध्येनजर रखते हुए कहा जा सकता है कि:

अटल बिहारी वाजपेयी जी सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि “सुशासन” की परिभाषा थे। आज की सरकार भी उन्हीं के दिखाए मार्ग “सबका साथ, सबका विकास” पर चल रही है।

अटल जी से आज की सत्ता को 3 बड़ी प्रेरणाएं मिलती हैं:

  1. सुशासन और पारदर्शिता – PMGSY, स्वर्णिम चतुर्भुज जैसी योजनाएं आज भी देश की रीढ़ हैं
  2. सर्वसमावेशी राजनीति – अटल जी विपक्ष का भी सम्मान करते थे। “राजनीति अपनी जगह, राष्ट्र सर्वोपरि”
  3. कवि और राजनेता का संगम – कठोर फैसले भी कविता जैसी सहजता से लेना

आज जब देश आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया और विश्वगुरु बनने की ओर बढ़ रहा है, तो उसकी नींव में अटल जी के सपने हैं

वर्तमान शासन सत्ता को मध्येनजर रखते हुए हमारे इस देशभक्त महापुरुष के बारे में यही कहा जा सकता है कि अटल जी का “सुशासन” का सपना आज साकार हो रहा है।

वे हमारे सभी के प्रेरणास्रोत थे। राजनीति में शुचिता, कविता में राष्ट्रभक्ति और शासन में दूरदर्शिता – यही अटल जी थे।

स्मृति शेष परम पूज्य भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी जी की पुण्यतिथि पर शत-शत नमन।

“हार नहीं मानूंगा, रार नई ठानूंगा…”

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