शिक्षा मंत्रालय भारत सरकार के कार्यालय में लगी आग उठे सवाल

दिल्ली के ITO इलाके में सोमवार (1 जून, 2026) सुबह शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय में आग लगने की घटना सामने आई. यह आग स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर (SPA) कैंपस में स्थित शिक्षा मंत्रालय के ऑफिस की दूसरी मंजिल पर लगी. एक अधिकारी के अनुसार, आग लगने की सूचना दिल्ली फायर सर्विस को सुबह करीब 9:37 बजे मिली. सूचना मिलते ही दमकल विभाग की 8 गाड़ियां मौके पर भेजी गईं और आग पर काबू पाने का काम शुरू किया गया.

इस घटना पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर लिखा कि शिक्षा मंत्रालय के ऑफिस में आग लगने की खबर बहुत चिंताजनक है. हालांकि, यह बहुत संदिग्ध भी है. वहीं घटनास्थल पर फिलहाल दमकल कर्मियों का आग बुझाने का अभियान जारी है. राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी के घायल होने या हताहत होने की कोई सूचना नहीं मिली है. अधिकारियों ने बताया कि आग लगने के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है. आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद जांच की जाएगी, जिसके बाद ही घटना की असली वजह सामने आ सकेगी.

कांग्रेस ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर सोमवार (1 जून 2026) को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधा और कहा कि अपना राजधर्म निभाते हुए उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने यह दावा भी किया कि प्रधान अहंकार और अक्षमता की जीती-जागती मिसाल बन चुके हैं. रमेश ने एक्स पर पोस्ट किया, ‘OSM सिस्टम में साइबर सुरक्षा संबंधी खामियों से इनकार करने के बाद अब CBSE ने आखिरकार यह स्वीकार कर लिया है कि सिस्टम से समझौता किया गया था, लेकिन अपने कॉन्ट्रैक्टर कोएम्प्ट के खिलाफ वह क्या कार्रवाई करने जा रहा है?’

जयराम रमेश ने ने दावा किया कि ऐसा लगता है कि CBSE और शिक्षा मंत्रालय में कोएम्प्ट से लाभान्वित होने वालों को पहले से अंदाजा था कि कोएम्प्ट इस काम के लिए योग्य साबित नहीं होगी.’रमेश ने आगे कहा कि CBSE ने अगस्त 2025 के अपने उन वेंडर्स को प्रबंधित करने का अधिकार अपने पास रखा था, जो काम को प्रभावी ढंग से पूरा करने में विफल रहते, लेकिन सितंबर में CBSE ने एक शुद्धिपत्र जारी कर वेंडर्स को प्रतिबंधित करने का अपना ही अधिकार हटा लिया.’

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