2004 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी डॉ. रोशन जैकब अपनी सख्त प्रशासनिक शैली के लिए चर्चा में हैं।
उन्हें यूपी खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन (एफएसडीए) का कमिश्नर बनाया गया है। उनके नेतृत्व में अब तक 3500 से अधिक जगहों पर निरीक्षण किया गया है, 6 एफआईआर दर्ज हुई हैं, और मिलावटखोरों के लाइसेंस रद्द किए गए हैं।
उनकी इसी कड़क कार्यशैली के कारण उनकी तुलना महाराष्ट्र के तेज-तर्रार आईएएस अधिकारी तुकाराम मुंढे से की जा रही है।
केरल के तिरुवनंदपुरम में जन्मीं रोशन जैकब ने अंग्रेजी में बीए, एमए और पीएचडी की है। यूपीएससी पास करने के बाद उनकी पहली पोस्टिंग बरेली में हुई थी। इसके बाद वह कानपुर, मेरठ, गोंडा और बुलंदशहर सहित कई जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर रहीं। 2017 में वह यूपी खनन विभाग की पहली महिला निदेशक भी बनी थीं। अपनी प्रभावी कार्यशैली से उन्होंने खाद्य माफियाओं पर लगाम कसने का काम किया है।

