चर्चित #IAS मयूर माहेश्वरी जी : सात जिलों के जिलाधिकारी से प्रधानमंत्री कार्यालय ( PMO ) और औद्योगिक विकास तक का सफर

🔥 चर्चित #IAS मयूर माहेश्वरी जी : सात जिलों के जिलाधिकारी से प्रधानमंत्री कार्यालय ( PMO ) और औद्योगिक विकास तक का सफर

नाम: मयूर माहेश्वरी (Mayur Maheshwari)
सेवा: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)
बैच: 2003
कैडर: उत्तर प्रदेश
जन्मतिथि: 26 जुलाई 1976
गृह जनपद: अलीगढ़, उत्तर प्रदेश
शैक्षणिक योग्यता: बीटेक (टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी), एमबीए (फाइनेंस)

कुछ अधिकारी अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव, विभिन्न क्षेत्रों में निभाई गई जिम्मेदारियों और कार्यक्षेत्र की विविधता के कारण विशेष पहचान बनाते हैं। उत्तर प्रदेश कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी मयूर माहेश्वरी का करियर भी इसी तरह का है। जिला प्रशासन से लेकर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), स्वास्थ्य सेवाओं, सिंचाई विभाग और औद्योगिक विकास तक उन्होंने अलग-अलग स्तरों पर जिम्मेदारियां निभाई हैं।

उनकी प्रशासनिक यात्रा की खास बात यह है कि उन्होंने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारी के रूप में काम किया और बाद में राज्य के औद्योगिक विकास तथा बिजली क्षेत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण संस्थाओं का नेतृत्व भी संभाला।

🎓 शिक्षा और प्रारंभिक जीवन

मयूर माहेश्वरी का जन्म 26 जुलाई 1976 को हुआ। उनका संबंध उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ से है। उन्होंने टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में बीटेक की पढ़ाई टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्सटाइल्स एंड साइंसेज (TIT&S), भिवानी से की। इसके अतिरिक्त उन्होंने एमबीए में फाइनेंस की पढ़ाई भी की।

तकनीकी शिक्षा और वित्तीय प्रबंधन का ज्ञान उनके शैक्षणिक जीवन के महत्वपूर्ण पक्ष हैं। आगे चलकर प्रशासनिक सेवा में उन्होंने विकास, सार्वजनिक सेवाओं और औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ी जिम्मेदारियां निभाईं।

उनके परिवार और बचपन से संबंधित विस्तृत जानकारी सार्वजनिक रिकॉर्ड में सीमित है, इसलिए अपुष्ट निजी जानकारियों को उनकी जीवनी का हिस्सा बनाना उचित नहीं होगा।

🇮🇳 UPSC से IAS बनने तक

मयूर माहेश्वरी ने संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा में प्रवेश किया। वह वर्ष 2003 बैच के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं।

IAS बनने के बाद उनके सामने शासन-प्रशासन की बारीकियों को समझने, सरकारी योजनाओं को जमीन पर लागू कराने और जनता तक सरकारी सेवाएं पहुंचाने की जिम्मेदारी थी। समय के साथ उन्होंने जिला प्रशासन से लेकर राज्य सचिवालय और केंद्र सरकार के स्तर तक काम करने का अनुभव प्राप्त किया।

🏛️ शुरुआती प्रशासनिक जिम्मेदारी: संयुक्त मजिस्ट्रेट

अपने शुरुआती करियर में मयूर माहेश्वरी ने कौशांबी में संयुक्त मजिस्ट्रेट (Joint Magistrate) के रूप में काम किया। यह प्रशासनिक सेवा का ऐसा चरण होता है जिसमें अधिकारी को राजस्व प्रशासन, कानून-व्यवस्था और क्षेत्रीय प्रशासन का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।

इसके बाद उन्हें विकास प्रशासन की जिम्मेदारी मिली और वह इलाहाबाद, वर्तमान प्रयागराज, में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) के पद पर भी कार्यरत रहे।

📍 उत्तर प्रदेश के सात जिलों में जिलाधिकारी

मयूर माहेश्वरी के करियर का एक महत्वपूर्ण हिस्सा जिला प्रशासन से जुड़ा रहा। उन्होंने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारी एवं कलेक्टर की जिम्मेदारी निभाई।

उनके प्रमुख जिलाधिकारी पदों का विवरण इस प्रकार है:

  1. बलिया: जून 2007 से मार्च 2008 तक जिलाधिकारी एवं कलेक्टर के रूप में कार्य किया।
  2. आजमगढ़: मार्च 2008 से सितंबर 2008 तक जिलाधिकारी की जिम्मेदारी संभाली।
  3. बागपत: सितंबर 2008 से जनवरी 2011 तक जिलाधिकारी एवं कलेक्टर रहे। यह उनके प्रमुख जिला-स्तरीय कार्यकालों में से एक था।
  4. कानपुर देहात: जनवरी 2011 से मार्च 2012 तक जिलाधिकारी एवं कलेक्टर के पद पर कार्य किया।
  5. बदायूं: मार्च 2012 से सितंबर 2012 तक जिलाधिकारी एवं कलेक्टर की जिम्मेदारी संभाली।
  6. अयोध्या: फरवरी 2013 में जिलाधिकारी एवं कलेक्टर के पद पर उनकी संक्षिप्त नियुक्ति दर्ज है।
  7. एटा: मार्च 2014 से जून 2014 तक जिलाधिकारी एवं कलेक्टर के रूप में कार्य किया।

जिलाधिकारी का पद किसी भी IAS अधिकारी के करियर में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। जिले में राजस्व प्रशासन, कानून-व्यवस्था, विकास योजनाओं की निगरानी, निर्वाचन संबंधी कार्य और जनसमस्याओं के समाधान में जिलाधिकारी की अहम भूमिका होती है।

मयूर माहेश्वरी का इन जिलों में कार्य करने का अनुभव उनके प्रशासनिक करियर का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।

🌾 सिंचाई विभाग में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

जिला प्रशासन में काम करने के बाद मयूर माहेश्वरी को उत्तर प्रदेश सरकार के सिंचाई विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी मिली। उन्होंने सितंबर 2012 से दिसंबर 2013 तक इस विभाग में काम किया।

सिंचाई एवं जल संसाधन से संबंधित विभाग कृषि, जल प्रबंधन और विकास परियोजनाओं के लिए महत्वपूर्ण होता है। इस स्तर पर काम करने से अधिकारी को नीतिगत फैसलों और विभागीय प्रशासन का अनुभव मिलता है।

🏥 स्वास्थ्य विभाग और आरोग्यम पहल

दिसंबर 2013 से मार्च 2014 तक मयूर माहेश्वरी ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में विशेष सचिव तथा परियोजना निदेशक की जिम्मेदारी निभाई।

उनके करियर से जुड़ी एक उल्लेखनीय उपलब्धि स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आरोग्यम पहल रही। सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और सार्वजनिक सेवा वितरण के क्षेत्र में इस पहल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला।

वर्ष 2012 में संयुक्त राष्ट्र से संबंधित लोक सेवा पुरस्कार के संदर्भ में भी उनका नाम सामने आया। यह उनके करियर का एक महत्वपूर्ण उपलब्धि-आधारित पक्ष है।

🌾 कृषि विभाग में विशेष सचिव

अगस्त 2014 से अप्रैल 2015 तक उन्होंने कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा से संबंधित कृषि विभाग में विशेष सचिव के रूप में कार्य किया।

इस जिम्मेदारी में कृषि प्रशासन और विभागीय कार्यों से जुड़े विषयों पर काम करने का अवसर मिला। इसके बाद उन्हें केंद्र सरकार में प्रतिनियुक्ति के तहत प्रधानमंत्री कार्यालय में जिम्मेदारी मिली।

🇮🇳 प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में कार्य

मयूर माहेश्वरी के प्रशासनिक करियर का एक प्रमुख अध्याय प्रधानमंत्री कार्यालय से जुड़ा रहा।

✅अप्रैल 2015 से जून 2017 तक: प्रधानमंत्री कार्यालय में उप सचिव (Deputy Secretary) के पद पर कार्य किया।

✅जुलाई 2017 से जुलाई 2020 तक: प्रधानमंत्री कार्यालय में निदेशक (Director) के रूप में जिम्मेदारी निभाई।

✅PMO में काम करना केंद्र सरकार के प्रशासनिक ढांचे, नीति-निर्माण और विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय की प्रक्रिया से जुड़ा महत्वपूर्ण अनुभव होता है।

✅जिला प्रशासन में जमीनी स्तर पर काम करने के बाद केंद्र सरकार के स्तर पर जिम्मेदारी निभाना उनके करियर का एक उल्लेखनीय पड़ाव रहा।

🏭 औद्योगिक विकास में नेतृत्व

👉जुलाई 2020 में मयूर माहेश्वरी को उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम (UPSIDC), जिसे बाद में उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPSIDA) के रूप में जाना गया, के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) की जिम्मेदारी मिली।

👉उन्होंने औद्योगिक विकास से संबंधित प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस क्षेत्र में औद्योगिक क्षेत्रों का विकास, निवेश को प्रोत्साहन, उद्योगों के लिए आधारभूत सुविधाएं और सरकारी विभागों के बीच समन्वय जैसे विषय महत्वपूर्ण होते हैं।

👉सितंबर 2020 में उन्हें उत्तर प्रदेश वित्तीय निगम (UPFC) के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भी मिली। उनका नाम लखनऊ औद्योगिक विकास प्राधिकरण (LIDA) के CEO के रूप में भी नियुक्ति रिकॉर्ड में दर्ज रहा।

👉औद्योगिक विकास का क्षेत्र राज्य की आर्थिक गतिविधियों, निवेश और रोजगार के अवसरों से जुड़ा होता है। इसलिए इस क्षेत्र में प्रशासनिक नेतृत्व का विशेष महत्व है।

✍️ वर्तमान में बिजली क्षेत्र में नई जिम्मेदारी

औद्योगिक विकास के क्षेत्र में लंबा कार्यकाल पूरा करने के बाद मयूर माहेश्वरी को बिजली क्षेत्र से संबंधित महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं।

उपलब्ध नियुक्ति रिकॉर्ड के अनुसार, सितंबर 2026 में उन्हें निम्नलिखित पदों पर नियुक्त किया गया:

✅1. प्रबंध निदेशक (MD), उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड (UPRVUNL)।

✅2. प्रबंध निदेशक (MD), उत्तर प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कॉरपोरेशन लिमिटेड (UPPTCL)।

इन संस्थाओं की भूमिका राज्य में बिजली उत्पादन और विद्युत पारेषण व्यवस्था से जुड़ी है। ऐसे संस्थानों का संचालन तकनीकी प्रबंधन, परियोजनाओं की निगरानी और प्रशासनिक समन्वय की मांग करता है।

यह उनके करियर का एक नया चरण है, जिसमें औद्योगिक विकास के बाद बिजली क्षेत्र की महत्वपूर्ण संस्थाओं की जिम्मेदारी शामिल हुई है।

🏆 उपलब्धियां और सम्मान

मयूर माहेश्वरी के सार्वजनिक करियर से जुड़ी प्रमुख उपलब्धियों में निम्नलिखित का उल्लेख मिलता है:

🏅• स्वास्थ्य सेवाओं से संबंधित आरोग्यम पहल के लिए वर्ष 2012 में संयुक्त राष्ट्र लोक सेवा पुरस्कार से जुड़ा सम्मान।

🏅• निर्वाचन संबंधी उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों के लिए सर्वश्रेष्ठ जिलाधिकारी पुरस्कार का उल्लेख।

🏅• सार्वजनिक सेवा वितरण और प्रशासन में तकनीक के उपयोग से जुड़े कार्यों का अनुभव।

🏅• जिला प्रशासन, केंद्र सरकार, औद्योगिक विकास और बिजली क्षेत्र में विभिन्न स्तरों पर काम करने का अनुभव।

👨‍💼 कार्यक्षेत्र और प्रशासनिक अनुभव

मयूर माहेश्वरी का करियर कई अलग-अलग क्षेत्रों में फैला है। उन्होंने राजस्व प्रशासन, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं, कृषि, सिंचाई, केंद्र सरकार और औद्योगिक विकास से संबंधित जिम्मेदारियां निभाई हैं।

एक IAS अधिकारी के लिए विभिन्न विभागों में काम करने का अनुभव शासन की व्यापक समझ विकसित करने में मदद करता है। जिला प्रशासन में जनता से सीधे जुड़े काम और राज्य तथा केंद्र के स्तर पर नीतिगत जिम्मेदारियां एक-दूसरे से अलग होती हैं, लेकिन दोनों ही सार्वजनिक सेवा के महत्वपूर्ण हिस्से हैं।

उनका करियर इस विविधता का उदाहरण प्रस्तुत करता है।

✍️ निष्कर्ष

IAS मयूर माहेश्वरी की प्रशासनिक यात्रा कौशांबी में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में शुरुआती जिम्मेदारी से शुरू होकर प्रयागराज में मुख्य विकास अधिकारी, उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में जिलाधिकारी, राज्य सचिवालय में विशेष सचिव, प्रधानमंत्री कार्यालय में उप सचिव एवं निदेशक और औद्योगिक विकास के नेतृत्व तक पहुंची।

इसके बाद बिजली क्षेत्र की प्रमुख संस्थाओं में प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी उनके करियर का एक महत्वपूर्ण नया पड़ाव है।

उनकी जीवनी का सबसे उल्लेखनीय पहलू अलग-अलग प्रशासनिक क्षेत्रों में काम करने का व्यापक अनुभव है। जिला प्रशासन से लेकर केंद्र सरकार और राज्य के औद्योगिक एवं ऊर्जा क्षेत्र तक की यह यात्रा बताती है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा में अधिकारियों की जिम्मेदारियां समय के साथ किस प्रकार बदलती और विस्तृत होती हैं।

IAS मयूर माहेश्वरी का सफर उन युवाओं के लिए प्रेरणादायक अध्ययन का विषय है, जो सिविल सेवा में आने और प्रशासन के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान देने का सपना देखते हैं।

IASMayurMaheshwari #IASBiography #UttarPradeshIAS #CivilServices #UPIAS #IndianAdministrativeService #IASOfficer

Note— ऐसे ही जानकारी के लिए जुड़े 👉

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *