जनपद में सरकारी संपत्तियों को अवैध कब्जों से मुक्त कराने के अभियान के तहत जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को नगर मजिस्ट्रेट हरगिरी एवं संबंधित अधिकारियों के साथ उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग की आवासीय कॉलोनी का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कॉलोनी में रह रहे लोगों की पात्रता, आवंटन अभिलेख और सरकारी आवासों की स्थिति का गहनता से जायजा लिया गया।
निरीक्षण के दौरान सामने आया कि कॉलोनी में कई ऐसे लोग भी रह रहे हैं जिनका सिंचाई विभाग से कोई संबंध नहीं है। जांच में कुछ रिक्शा चालक, निजी व्यक्ति तथा लंबे समय पहले सेवानिवृत्त हो चुके कर्मचारी भी सरकारी आवासों पर कब्जा किए हुए पाए गए। इस स्थिति पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए इसे सरकारी संपत्ति का दुरुपयोग बताया।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग को निर्देश दिए कि सभी सरकारी आवासों का सत्यापन कर अवैध रूप से रह रहे लोगों की सूची तत्काल तैयार की जाए। जिन व्यक्तियों का विभाग से कोई संबंध नहीं है या जो नियमानुसार आवास खाली करने के बावजूद कब्जा किए हुए हैं, उनके विरुद्ध नियमानुसार बेदखली की कार्रवाई तत्काल शुरू की जाए।
डीएम मयूर दीक्षित ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कॉलोनी में किए गए सभी अवैध अतिक्रमण भी हटाए जाएं। उन्होंने कहा कि यदि अतिक्रमण हटाने के दौरान प्रशासनिक या पुलिस सहयोग की आवश्यकता हो तो नगर मजिस्ट्रेट हरगिरी के माध्यम से पूरा प्रशासनिक सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। किसी भी स्तर पर कार्रवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सरकारी परिसंपत्तियां जनता की संपत्ति हैं और उनका उपयोग केवल पात्र एवं अधिकृत कर्मचारियों द्वारा ही किया जाना चाहिए। नियमों के विपरीत सरकारी आवासों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भविष्य में भी समय-समय पर सरकारी आवासीय परिसरों का निरीक्षण किया जाए, ताकि अवैध कब्जों और अतिक्रमण की पुनरावृत्ति न हो सके। प्रशासन का उद्देश्य सरकारी संपत्तियों का संरक्षण करना और उन्हें वास्तविक पात्रों को उपलब्ध कराना है।
बातचीत में अधिकारियों ने संकेत दिए कि जनपद में सरकारी विभागों की अन्य कॉलोनियों का भी चरणबद्ध निरीक्षण किया जाएगा। जहां भी अवैध कब्जे पाए जाएंगे, वहां बिना किसी भेदभाव के नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

