MBA के बाद दिल्ली में शानदार कॉर्पोरेट नौकरी करते हुए स्वीटी उपाध्याय की जिंदगी बेहतरीन चल रही थी। लेकिन अचानक वक्त बदला, शादी टूटी और वे गहरे मानसिक व आर्थिक संकट में घिर गईं। उन्होंने खुद के दम पर जीने के लिए नौकरी छोड़ दी और अकेले संघर्ष करने लगीं।
एक दिन जब वे अपनी घायल घरेलू सहायिका को इंसाफ दिलाने थाने पहुंचीं, तो वहां मौजूद पुलिसवाले ने ताना मारा— “आजकल औरतें आलसी हो गई हैं।” सिस्टम की इस असंवेदनशीलता ने स्वीटी के आत्मसम्मान को झकझोर दिया। उन्होंने इसे एक चुनौती माना, फिर से किताबें उठाईं और साल 2019 में अपने पहले ही प्रयास में 55वीं रैंक लाकर पीसीएस (PCS) अफसर बन गईं। आज वे नोएडा में असिस्टेंट कमिश्नर बनकर उसी सिस्टम का हिस्सा हैं और हजारों महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही हैं।

