हरिद्वार, 25 अगस्त। गुरुकुल कांगड़ी सम विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के सभी विभागों में नवप्रवेशित 425 छात्रों के लिए दीक्षारम्भ कार्यक्रम का आयोजन मैकेनिकल विभाग के समारोह कक्ष में यज्ञ के साथ किया गया।
वैदिक मंत्रोच्चार एवं यज्ञ के माध्यम से कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। यज्ञ के ब्रह्मा डॉ दीनदयाल वेदालंकार तथा अशोक कुमार भट्ट द्वारा सुयोजित प्रक्रिया से किया गया | यज्ञ में संकाय के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों ने भाग लिया | दीक्षारंभ कार्यक्रम संकाय में नव प्रवेशित छात्रों के लिए एक सप्ताह आयोजित किए जाएंगे |
कार्यक्रमों में देश के जाने – माने विद्वान शिरकत करेंगे | इस अवसर पर कार्यक्रम में सहायक कुलसचिव डॉ पंकज कौशिक की विज्ञापन पत्रकारिता एवं मीडिया पुस्तक का विमोचन कुलपति प्रो प्रतिभा मेहता लूथरा और मुख्य विकास अधिकारी डॉ ललित नारायण मिश्रा , प्रो मयंक अग्रवाल द्वरा किया |
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं मुख्य विकास अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्रा ने नवप्रवेशित छात्रों को अभिप्रेरित करते हुए कहा कि विज्ञान एवं तकनीकी ज्ञान वर्तमान युग की महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
तकनीकी शिक्षा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह विद्यार्थियों में नवाचार, अनुसंधान, रचनात्मकता और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने ज्ञान का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास के लिए करना चाहिए।

उन्होंने छात्रों से कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश उनके जीवन की नई यात्रा का प्रारंभ है। इस दौरान वे अनुशासन, समय-प्रबंधन, परिश्रम और सकारात्मक सोच को अपने जीवन का हिस्सा बनाएं। उन्होंने विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के साथ भारतीय संस्कृति एवं नैतिक मूल्यों से जुड़े रहने का आह्वान किया। उन्होंने रामायण के सुंदरकांड की चौपाईयों द्वारा प्रौद्योगिकी प्रबंधन को छात्रों को अभिप्रेरित किया | कंप्यूटर विज्ञान आधुनिक शिक्षा का सशक्त माध्यम बताया |आज का विज्ञान बहुत तीव्रता से विकास कर रहा है जिससे देश का विकास हो रहा है |
सम विश्वविद्यालय प्रो प्रतिभा मेहता लूथरा ने कहा नव प्रवेशित छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुकुल काँगड़ी सम विश्वविद्यालय के अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संकाय के पूर्व छात्र दुनिया के प्रत्येक देश में प्रमुख पदों पर स्थापित होकर सेवाएं दे रहे है |
इस संकाय को बने 24 साल ही हुए है मगर इस संकाय ने गुरुकुल का नाम विदेशों में स्थापित किया है | स्वामी श्रध्दानंद ने इस विश्वविद्यालय को 1902 में स्थापित किया था यह संस्था दान और आपके सहयोग से ही आगे बढ़ी है |
गुरुकुल ने देश की आजादी में अपनी अहम भूमिका याद की है | स्वामी श्रदानंद महाराज ने विश्वविद्यालय के संचालन के लिए अंग्रेजों की आर्थिक सहायता को ठुकरा दिया था | यहाँ छात्रों को यज्ञ से पहली शुरुआत की है आप इस पाठयक्रम को पूर्ण करके अपनी डिग्री लेकर पूर्ण यज्ञ की आहुति दोगे| देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित करोंगे |
संकाय के अध्यक्ष प्रो मयंक कुमार अग्रवाल ने कहा कि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी के नव प्रवेशित छात्र ज्यादात: ग्रामीण परिवेश से है | सभी छात्रों को गुरुकुल पद्धति को समझना बहुत आवश्यक है |आज सभी छात्रों के अंदर संस्कार के बीज अंकुरित किए गए है | यह दीक्षारम्भ कार्यक्रम एक सप्ताह तक संचालित किया जाएंगा जिसमें वैदिक प्रौद्योगिकी का पाठ पढ़ाया जाएंगा |
इलेक्ट्रॉनिक्स एण्ड कम्यूनिकेशन के विभागाध्यक्ष प्रो विपुल शर्मा ने कहा कि नव प्रवेशित छात्रों को वैदिक परंपरा से जोड़ना अत्यंत आवश्यक है |एक अच्छा छात्र पहले अच्छा इंसान बनना चाहिए |
संकाय के एप्लाइड साइंस के विभागाध्यक्ष डॉ मुरली मनोहर तिवारी ने कहा कि संकाय के पूर्व छात्र प्रशासनिक अधिकारी बन गए है |
संकाय के सहायक कुलसचिव डॉ पंकज कौशिक ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि गुरुकुल काँगड़ी समविश्वविद्यालय छात्रों को इंसान बनाने की प्रयोगशाला है | यहाँ पर वैदिक शिक्षण से छात्रों को ऊर्जावान बनाया जाता है |कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अनुशासन, विभागीय गतिविधियों तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए उपलब्ध अवसरों की जानकारी भी दी गई। यज्ञ के माध्यम से विद्यार्थियों ने ज्ञान, संस्कार और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ अपनी उच्च शिक्षा की यात्रा प्रारंभ की मैकेनिकल विभाग के प्रभारी डॉ संजीव लांबा ने संकाय की शिक्षण संबंधी जानकारी को सांझा किया | डॉ धर्मेन्द्र बालियान ने सभी अतिथियों आभार व्यक्त किया | कार्यक्रम का संचालन देवेन्द्र सिंह ने किया |
इस अवसर पर डॉ अजय कुमार , डॉ निशांत कुमार , डॉ तनुज गर्ग , डॉ सुयश भारद्वाज ,मयंक पोखरियाल , उप संपदा अधिकारी धन सिंह , सोनू ,दीपक वर्मा, तरुण ऋषि रमन कुमार ,सोहन सिंह विष्ट , पवन कुमार ,दीपक नेगी , चंद्र सिंह राणा प्रदूमन , संजीव, सुधीर सुशील ,कवीन्द्र कार्यक्रम में संकाय के विभिन्न विभागों के शिक्षकगण एवं नवप्रवेशित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

