🚨🇮🇳 आज हम बात करते हैं वर्तमान में #अपरमुख्यसचिवउत्तरप्रदेशसरकार के पद पर अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे तेजतर्रार,सरल व्यक्तित्व के धनी, ईमानदार एवं वरिष्ठ #IASअधिकारी #श्रीआलोककुमार जी के बारे में।🇮🇳
✍️IAS Alok kumar — एक नजर में
सेवा: भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS)
बैच: 1993
कैडर: उत्तर प्रदेश
वरिष्ठ एवं अनुभवी अधिकारी, जिन्होंने राज्य व केंद्र—दोनों स्तर पर कार्य किया।
✍️ प्रमुख पद एवं जिम्मेदारियाँ (उत्तर प्रदेश)
✅ प्रमुख सचिव / अपर मुख्य सचिव स्तर के पद
MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन
औद्योगिक विकास
आधारभूत संरचना (Infrastructure)
✅ अध्यक्ष – Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA)
नोएडा-जेवर क्षेत्र में औद्योगिक व निवेश परियोजनाओं की निगरानी
जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों में प्रशासनिक भूमिका
✅ नीति आयोग में सलाहकार – NITI Aayog
स्वास्थ्य एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी नीतियों पर कार्य
✍️वर्तमान पोस्टिंग (2026)
✅अपर मुख्य सचिव (Additional Chief Secretary), उत्तर प्रदेश सरकार
अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास विभाग (Infrastructure & Industrial Development)
साथ ही एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन (MSME & Export Promotion) तथा एनआरआई विभाग का भी दायित्व संभाल रहे हैं। वे यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के अध्यक्ष भी हैं।
✍️अब तक की प्रशासनिक पोस्टिंग
✅1995–1996: संयुक्त मजिस्ट्रेट, गोंडा
✅1996–1997: संयुक्त मजिस्ट्रेट, रानीखेत
✅1997: मुख्य विकास अधिकारी (CDO), गोरखपुर
✅1997: मुख्य विकास अधिकारी (CDO), बिजनौर
✅1997–1998: मुख्य विकास अधिकारी (CDO), बुलंदशहर
✅1998–1999: मुख्य विकास अधिकारी (CDO), लखनऊ
✅1999–2001: जिलाधिकारी (DM), महोबा
✅2001: विशेष सचिव, सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, उत्तर प्रदेश
✅2001–2004: अतिरिक्त सचिव, योजना विभाग, उत्तरांचल (प्रतिनियुक्ति)
✅2001–2004: प्रबंध निदेशक, इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, देहरादून
✅2004–2006: अतिरिक्त सचिव, औद्योगिक विकास विभाग, उत्तराखंड
✅2004–2006: प्रबंध निदेशक, राज्य औद्योगिक विकास निगम
✅2006–2011: उप निदेशक, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA), मसूरी (केंद्र सरकार)
✅2009–2010: विदेश अध्ययन अवकाश
✅2013–2015: आयुक्त एवं सचिव, राजस्व परिषद, उत्तर प्रदेश
✅2015–2020: सलाहकार, नीति आयोग (भारत सरकार)
✅2021–2023: प्रमुख सचिव, चिकित्सा शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश
✅2023–2025: प्रमुख सचिव, युवा कल्याण एवं खेल विभाग, उत्तर प्रदेश
✅जनवरी 2025 – मई 2026: प्रमुख सचिव, एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग
✅25 मई 2026 से वर्तमान: अपर मुख्य सचिव, अवसंरचना एवं औद्योगिक विकास विभाग, उत्तर प्रदेश, साथ ही एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई विभाग तथा YEIDA के अध्यक्ष का दायित्व।
✍️ कार्यशैली की विशेषताएँ
✅औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने में सक्रिय भूमिका
प्रशासनिक सुधार व नीति कार्यान्वयन में दक्ष
राज्य की आर्थिक विकास रणनीति में सहभागिता
✅ जमीन से जुड़े, निर्णयों में दृढ़ और विकास के प्रति समर्पित अधिकारी — यही पहचान है IAS आलोक कुमार जी की।
✅1993 बैच के इस वरिष्ठ अधिकारी ने उत्तर प्रदेश में औद्योगिक विकास, MSME सशक्तिकरण और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को नई दिशा दी।
अध्यक्ष के रूप में Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA) में रहते हुए उन्होंने जेवर क्षेत्र को निवेश और रोजगार का उभरता हुआ केंद्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
✅नीति निर्माण के स्तर पर NITI Aayog में भी अपनी सेवाएं देकर उन्होंने यह सिद्ध किया कि एक सच्चा प्रशासक केवल पद से नहीं, बल्कि अपने दृष्टिकोण और ईमानदार प्रयासों से पहचाना जाता है।
✅साफ नीयत, स्पष्ट नीति और मजबूत प्रशासन — यही है उनकी कार्यशैली।
ऐसे कर्मठ अधिकारी पर उत्तर प्रदेश को गर्व है। 🇮🇳
✍️ कार्यशैली
शांत, नीति-आधारित और परिणामोन्मुख प्रशासन
दीर्घकालिक विकास मॉडल पर जोर
तकनीकी समझ और मैनेजमेंट कौशल का प्रभावी उपयोग
✍️व्यक्तित्व
शांत, अध्ययनशील और नीतिगत निर्णयों के लिए जाने जाते हैं।
प्रशासनिक सुधार, औद्योगिक विकास और सुशासन के क्षेत्र में उनकी विशेष पहचान है।
तीन दशक से अधिक के प्रशासनिक अनुभव के साथ वे उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ और प्रभावशाली IAS अधिकारियों में गिने जाते हैं।
✍️प्रमुख उपलब्धियां
उत्तर प्रदेश में औद्योगिक निवेश और इंफ्रास्ट्रक्चर विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं के क्रियान्वयन में भूमिका।
नीति आयोग में लगभग पाँच वर्षों तक सलाहकार (Adviser) के रूप में कार्य करते हुए स्वास्थ्य, पोषण, वित्तीय संसाधन और प्रशासन से जुड़े विषयों पर कार्य किया।
चिकित्सा शिक्षा विभाग में रहते हुए मेडिकल शिक्षा के विस्तार और संस्थागत विकास पर कार्य किया।
एमएसएमई एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग में उत्तर प्रदेश के निर्यात और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की।
✍️ प्रेरणादायक लेख
👉कुछ लोग पद से बड़े बनते हैं, और कुछ लोग अपने कर्म से। आलोक कुमार उन्हीं अधिकारियों में से हैं जिन्होंने यह सिद्ध किया कि प्रशासन केवल आदेश देने का नाम नहीं, बल्कि विकास की दिशा तय करने की जिम्मेदारी है।
👉1993 बैच के इस वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ने अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव से उत्तर प्रदेश को औद्योगिक और आधारभूत ढांचे के क्षेत्र में नई ऊर्जा दी। जब प्रदेश में निवेश और रोजगार की बात होती है, तो उनके द्वारा बनाई गई नीतियाँ और योजनाएँ मजबूत आधार के रूप में सामने आती हैं।
👉अध्यक्ष के रूप में Yamuna Expressway Industrial Development Authority (YEIDA) में उनकी भूमिका केवल प्रशासनिक नहीं रही, बल्कि दूरदर्शी नेतृत्व की रही। जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र और औद्योगिक कॉरिडोर के विकास में उनका योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए अवसरों के द्वार खोल रहा है।
👉उन्होंने यह भी दिखाया कि एक सच्चा अधिकारी केवल राज्य तक सीमित नहीं रहता — बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी योगदान देता है। NITI Aayog में सलाहकार के रूप में कार्य करते हुए उन्होंने स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र की नीतियों को सशक्त बनाने में भागीदारी निभाई।
✍️ उनकी कार्यशैली की सबसे बड़ी विशेषता
शांत लेकिन दृढ़ निर्णय
नीति आधारित पारदर्शी प्रशासन
दीर्घकालिक विकास पर फोकस
परिणामोन्मुख नेतृत्व
आज जब युवा सिविल सेवा का सपना देखते हैं, तो आलोक कुमार जैसे अधिकारी यह प्रेरणा देते हैं कि ईमानदारी, दृष्टि और समर्पण से प्रशासन को जनसेवा का सशक्त माध्यम बनाया जा सकता है।
🇮🇳 ऐसे कर्मठ और दूरदर्शी अधिकारी पर उत्तर प्रदेश को गर्व है।
ऐसे ही अन्य अधिकारियों के बारे में जानने के लिए मुझे फालो करें
सप्रेम लेख ✍️कुलदीप शर्मा

