वास्तविक जीवन से दूर..!!
सोशल मीडिया पर हजारों मित्र वास्तविक जीवन में..!!
इंटरनेट के आविष्कार मानव जीवन में एक क्रांति लेकर आई। इंटरनेट की मदद से हर क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखी गई है। आज सोशल मीडिया का दौर चरम सीमा पर है। सोशल मीडिया पर छोटी-सी खबर भी चंद मिनटों में पूरी दूनिया में फैल जाती है। सोशल मीडिया के सहारे दुनियाभर के लोग आसानी से एक-दूसरे से जुड़ जाते हैं। आज लोगों का बहुत अधिक समय मोबाइल पर व्यतीत हो रहा है। लोगों को अकेले रहने की आदत पड़ चुकी है। वे मोबाइल पर अपनी आभासी दुनिया बना चुके हैं और वास्तविक जीवन से दूर होते जा रहे हैं। आज लोगों के सोशल मीडिया पर हजारों मित्र होते हैं, लेकिन जब वास्तविक जीवन में मित्रों की आवश्यकता होती है, तो कोई भी साथ खड़ा नहीं होता है। आज आभासी दुनिया की बढ़ती दखलंदाजी की वजह से सामाजिक संबंध पीछे छूटते जा रहे हैं। आभासी दुनिया में ही लोग रिश्ते-नाते स्थापित कर रहे हैं।
तकनीक इंसानों की मदद के लिए है, लेकिन इंसान तकनीक का गुलाम होता जा रहा है। लोगों को इस बात का अंदाजा तक नहीं है कि अगर यह आभासी दुनिया में इस कदर व्यस्त या लीन होगा तो आने वाले वक्त में वह किस तरह की मनोवैज्ञानिक समस्याओं से घिर जा सकता है। प्रकृति को अनदेखा करना उसके समूचे व्यक्तित्व और शरीर को खोखला कर दे सकता है। इसके बाद का जीवन कैसा होगा, इसकी महज कल्पना ही की जा सकती है। यह स्थिति समाज के लिए उचित नहीं है। सामाजिक संबंधों को बनाए रखने के लिए लोगों को आभासी दुनिया से बाहर निकलना चाहिए।

