सरकार को अब विदेश से मगानी पड़ रही है विदेश से चीनी
एथेनॉल आफत जैसा हो गया है।
बहुत सारा गन्ना इसे बनाने में शिफ्ट हुआ तो चीनी करीब 25 से 28 रुपए प्रति किलो महंगी हो गई।
अब अगले साल अगर मक्का और चावल की तरफ जाएंगे तो उधर भी रेट बढ़ने का आसार होगा।

एथेनॉल से पुरानी गाड़ियों की लंका अलग से लगी पड़ी है। ये बात तो सरकार के सलाहकार भी कहने लगे हैं।
और केवल चीनी ही नहीं अगर आप आटा और चावल देखेंगे तो उसमें भी बढ़ोत्तरी साफ देखी जा सकती है।
कुल मिला के खाद्य पदार्थ अभी और महंगे होने की उम्मीद है।

