ब्राह्मण समाज के बच्चो के लिए 5 करोड़ की छात्रवृति
शिक्षा प्रोत्साहन की प्रतिबद्धता !
भारतीय उद्योग जगत के दैदीप्यमान नक्षत्र, हजारों युवाओं के जीवन को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार से आलोकित करने वाले दूरदर्शी उद्योगपति, उदारमना भामाशाह, श्री रतन शर्मा जी, अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन द्वारा ब्राह्मण समाज के बच्चो को 5 करोड़ की शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति प्रदान किए का निर्णय अत्यंत प्रभावी उत्तरदायित्व का परिचायक है ।
मुझे सबसे अधिक प्रसन्नता इस बात की है की सिलीगुड़ी, गुवाहाटी, तिनसुकिया और अब कोलकाता में 670 से अधिक बच्चो के बैंक अकाउंट में छात्रवृत्ति पहुंच चुकी है ।
राजस्थान के चूरू जिले के रतनगढ़ कस्बे के ऐतिहासिक दाऊदसर ग्राम में, एक अत्यंत सामान्य और सुसंस्कृत ब्राह्मण परिवार में आपका जन्म हुआ। आपके पूज्य दादाजी ग्राम के प्राचीन रघुनाथ मंदिर के प्रतिष्ठित पुजारी थे, जिनके संस्कारों की थाती लेकर आपकी प्रारंभिक शिक्षा सुजानगढ़ में संपन्न हुई।
1984 में आप गुवाहाटी आये, सीमित संसाधनों के बीच संघर्षपूर्ण परिस्थितियों ने आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा दी। 15 फरवरी 1995 के दिन आपने पहली रोलिंग मिल की स्थापना कर ‘शून्य’ से अपने स्वतंत्र व्यवसाय का शंखनाद किया।
आज आपके नेतृत्व में स्थापित ‘सत्यम ग्रुप ऑफ..इंडस्ट्रीज कॉर्पोरेट उत्कृष्टता के साथ भारत के स्टील, सीमेंट, कोल माइनिंग, फेरो सिलिकॉन, कोक प्लांट्स, होटल-हॉस्पिटैलिटी और भवन निर्माण जैसे विभिन्न क्षेत्रों में अत्याधुनिक इंडस्ट्रीज़ की स्थापना कर राष्ट्र-निर्माण में अपना अभूतपूर्व योगदान प्रदान कर रहा है।”
जहाँ हजारों कुशल एवं ऊर्जावान युवाओं की एक विशाल प्रोफेशनल टीम दिन-रात पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। इन महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्वदेशी विनिर्माण और उत्पादन की सप्लाई चेन स्थापित करके आपके उद्योगों ने कोर सेक्टर के बाहरी आयात पर देश की निर्भरता को प्रभावी रूप से कम किया है।
बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर सृजित करते हुए आपकी यह औद्योगिक क्षमता सही मायने में ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को धरातल पर साकार कर रही है ।
विप्र फाउंडेशन, मारवाड़ी ब्राह्मण सभा सहित देश भर की अनेको सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक संस्थाएं आज आपके राष्ट्रीय संरक्षण और स्नेह की छांव में निरंतर प्रगति पथ पर अग्रसर हैं।
हमे गर्व है आपकी प्रेरणा से अष्टलक्ष्मी परशुराम फाउंडेशन द्वारा ब्राह्मण समाज के 502 और अब कोलकाता में 177 मेधावी विद्यार्थियों को उनके बैंक अकॉउंट में छात्रवृत्ति प्रदान की गयी है और पूरी उम्मीद है आपके वात्सल्यमयी संरक्षण से समाज के समाज के हजारों बच्चों को छात्रवृत्ति एवं कौशल विकास के नए अवसर प्राप्त होते रहेंगे।
आपके संरक्षण में मारवाड़ी ब्राह्मण सभा, भवन गुवाहाटी का भव्य कायाकल्प हुआ है, यह चार मंजिला भवन सेवा, संस्कार और सामाजिक चेतना का जीवंत तीर्थ है।
यहाँ संचालित स्किल डेवलपमेंट सेंटर, धार्मिक पुस्तकालय, अन्नपूर्णा भोजनालय, संस्कारशाला, सेल्फ डिफेंस प्रशिक्षण और सेवा के अनेको प्रकल्प आपके सहयोग से निरंतर संचालित है ।
ईश्वर आपको अखंड ऊर्जा, उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु तथा निरंतर राष्ट्रनिर्माण, राष्ट्रसेवा का सामर्थ्य प्रदान करें। आपका यश आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणापुंज रहे।
ब्राह्मण समाज के विराट वटवृक्ष श्री रतन शर्मा जी की शाखाएं आसमान छू रही है, सफलता के शीर्ष पर पहुँचकर भी अपनी जड़ों, अपनी माटी और अपने संस्कारों को सीने से लगाए रखने का उनका यह गुण वंदनीय है।
जय हो, शुभ हो 💐🙏
यही है “ जय परशुराम “

