आज लखनऊ स्थित शासकीय कार्यालय पर पेट्रोलियम कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों, प्रमुख सचिव खाद्य एवं रसद तथा विभागीय अधिकारियों के साथ प्रदेश में पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता, वितरण व्यवस्था और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा को लेकर विस्तृत समीक्षा की।
नेपाल एवं बिहार की सीमाओं से जुड़े क्षेत्रों में पेट्रोल-डीजल की जमाखोरी, कालाबाजारी, घटतौली तथा वास्तविक उपभोक्ताओं को पेट्रोलियम उत्पाद उपलब्ध न कराए जाने की शिकायतों को गंभीरता से लिया है।
स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे मामलों की तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उपभोक्ताओं के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रमुख सचिव, विभागीय अधिकारियों, पेट्रोलियम कंपनियों तथा जिला पूर्ति अधिकारियों को निर्देशित किया है कि नियमित निरीक्षण अभियान चलाकर व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी बनाया जाए तथा किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
घरेलू गैस सिलेंडरों की कालाबाजारी रोकने के लिए ई-केवाईसी व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने, पात्र उपभोक्ताओं को शत-प्रतिशत होम डिलीवरी उपलब्ध कराने तथा पीएनजी नेटवर्क के तेजी से विस्तार के निर्देश भी दिए हैं।
हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि प्रत्येक उपभोक्ता को पारदर्शी, सुगम और भरोसेमंद सेवा मिले। जमाखोरी, कालाबाजारी और अनियमितताओं के प्रति हमारी नीति पूर्णतः शून्य सहनशीलता की है। जनता का हित सर्वोपरि है और उसके अधिकारों पर डाका डालने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
इस दौरान प्रमुख सचिव खाद्य रसद श्री रणवीर प्रसाद जी, कामता प्रसाद सिंह (अपर आयुक्त खाद्य), सत्यदेव (अपर आयुक्त खाद्य), संजय भंडारी (कार्यकारी निदेशक एवं राज्य प्रमुख), आलोक श्रीवास्तव ( महाप्रबंधक खुदरा विक्री), भोद्रो लाकरा (मुख्य महाप्रबंधक एल.पी.जी.) ,अभिषेक शर्मा (स्टेट रीटेलर हेड), गुन्ना राव ( स्टेट हेड रिटेल HP),आबिद कादरी (जोनल हेड), मुकेश कुमार ( डिविजिनल हेड), आलोक वर्मा ( रीटेलर), सुरेंद्र डोगरा ( स्टेट हेड LPG), आदित्य यादव ( स्टेट हेड बी.पी.),रोहित पटेल (टी एम), राजेश कुमार ( LPG UPSOL BPCL), राकेश (जी एम) उपस्थित रहें।

