हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में कार सवार डॉक्टर और उसके साथियों पर हुई फायरिंग की सनसनीखेज घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सत्संगी बाबा आया पुलिस की रडार पर

मनोज ठाकुर

मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जबकि घटना का मास्टरमाइंड बताए जा रहे सत्संगी बाबा की तलाश जारी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बाबा ने अपने चेले के साथ मिलकर डॉक्टर की हत्या की साजिश रची थी और दो बार फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया गया।
कोतवाली लक्सर पुलिस के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 को दाबकी कलां निवासी डॉ. सुमित कुमार ने तहरीर देकर बताया था कि वह बहादराबाद स्थित हंस फाउंडेशन अस्पताल से अपने साले और अन्य साथियों के साथ कार से लौट रहे थे। इसी दौरान बाडीटीप के पास बाइक सवार दो अज्ञात बदमाशों ने उनकी कार पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। घटना में बाल-बाल बचे डॉक्टर ने पुलिस को बताया कि इससे पहले 14 अप्रैल को भी उनके गांव के पास उनकी गाड़ी पर फायरिंग की गई थी। बाद में जांच करने पर वाहन में गोली के निशान और टायर के अंदर बुलेट मिलने की पुष्टि हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर फील्ड यूनिट के साथ मौके से साक्ष्य जुटाए और सीसीटीवी कैमरों व तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चलाए गए सघन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक सवार को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह भागने लगा। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी शुभम सैनी (22 वर्ष), निवासी भिक्कमपुर को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल (UK08BE/2801) और 315 बोर का अवैध असलाह बरामद किया गया।
पूछताछ में आरोपी शुभम सैनी ने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि वह पिछले तीन वर्षों से एक कथित सत्संगी बाबा के संपर्क में था और उसके आश्रम में आता-जाता था। बाबा के साथ उसकी नजदीकियां बढ़ गई थीं। करीब 5-6 महीने पहले बाबा ने उससे डॉ. सुमित कुमार को मारने की इच्छा जताई। इसके बाद 14 अप्रैल को दोनों ने मिलकर डॉक्टर की गाड़ी पर 2-3 राउंड फायर किए और फरार हो गए। इसके बाद 27 अप्रैल को फिर से डॉक्टर की कार का पीछा कर बाडीटीप क्षेत्र में चार राउंड फायरिंग की गई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जा रही है और उसे अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं, फरार चल रहे सत्संगी बाबा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस पूरे ऑपरेशन में प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कोशियारी, एसआई यशवीर नेगी, हेड कांस्टेबल पंचम प्रकाश, कांस्टेबल गंगा, कांस्टेबल धवजवीर, हेड कांस्टेबल मनमोहन भंडारी (सीआईए, रुड़की) और कांस्टेबल महिपाल तोमर (सीआईए, रुड़की) की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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