OBC/EWS को पूरी फीस न मिलने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और MP सरकार से मांगा जवाब
नई दिल्ली/भोपाल। मध्य प्रदेश में पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत OBC और EWS वर्ग के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा की पूरी फीस प्रतिपूर्ति नहीं मिलने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है।
न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने केंद्र सरकार, मध्य प्रदेश शासन और भोपाल स्थित पिछड़ा वर्ग कल्याण आयुक्त को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामला खरगोन निवासी डॉ. दिनेश चंद्र पाटीदार से जुड़ा है। उन्होंने BDS के बाद वर्ष 2014 में हरियाणा के अंबाला स्थित डेंटल कॉलेज में तीन वर्षीय MDS पाठ्यक्रम में प्रवेश लिया था। योजना के तहत दूसरे राज्य में पढ़ाई करने वाले पात्र विद्यार्थियों की फीस की प्रतिपूर्ति उनके गृह राज्य द्वारा किए जाने और बाद में केंद्र सरकार से उसका पुनर्भुगतान होने का प्रावधान है।
याचिकाकर्ता की ओर से दलील दी गई कि केंद्र प्रायोजित पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत पात्र विद्यार्थियों की पूरी फीस प्रतिपूर्ति का प्रावधान है, ऐसे में राज्य सरकार केवल धन की कमी का हवाला देकर प्रतिपूर्ति रोक नहीं सकती।
सुप्रीम कोर्ट के नोटिस के बाद प्रदेश के ऐसे कई मेडिकल और डेंटल विद्यार्थियों में उम्मीद जगी है, जिन्हें पूरी फीस प्रतिपूर्ति नहीं मिल पाई है। अंतिम राहत सुप्रीम कोर्ट के आगे के आदेश पर निर्भर करेगी।

