हरिद्वार अयोध्या राम मंदिर चंद्र घोटाले पर कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में बैठक कर संतों ने चंपतराय पर लग रहे आरोपों को 2027 के चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कमजोर करने की साजिश करार दिया है।

हरिद्वार, 17 जून। संत समाज ने राम मंदिर के चंदे में हेराफेरी के मामले में संघ नेता चंपत राय को क्लीन चिट देते हुए इसे विपक्ष की साजिश बताया है।

कनखल स्थित श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल में बैठक कर संतों ने चंपतराय पर लग रहे आरोपों को 2027 के चुनावों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को कमजोर करने की साजिश करार दिया है।

बैठक को संबोधित करते हुए बाबा हठयोगी ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनावों में लाभ उठाने के लिए विपक्ष साजिश कर रहा है।

उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें एक शंकराचार्य भी शामिल हैं। संत समाज संघ और भाजपा को बदनाम करने की किसी भी साजिश को कामयाब नहीं होने देगा। निर्मल अखाड़े के कोठारी महंत जसविंदर सिंह महाराज ने कहा कि चंपत राय संत स्वभाव के व्यक्ति हैं। राम मंदिर निर्माण में उनका अहम योगदान है। उन पर लग रहे आरोप पूरी तरह निराधार हैं। यदि उनका नौकर गलत काम करता है तो इसके लिए उन पर आरोप लगाना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है। महंत ईश्वर दास एवं स्वामी ऋषिश्वरानंद महाराज ने कहा कि राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। 2027 के चुनावों के लिए विपक्ष के पास कोई मुद्दा नहीं है। इसलिए चंपतराय जैसे बेहद सरल और मधुर स्वभाव के व्यक्ति पर आरोप लगाकर प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है। विपक्ष के प्रयासों को संत समाज सफल नहीं होने देगा। बैठक के दौरान संतों ने 18 जून को निष्काम सेवा ट्रस्ट में होने वाली विहिप के केंद्रीय मार्गदर्शक मंडल की बैठक में गौमाता को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने का प्रस्ताव पास कर केंद्र सरकार को भेजने की मांग भी की। बैठक में बाबा हठयोगी, स्वामी ऋषिश्वरानंद, महंत जसविंदर सिंह, स्वामी अच्यूतानंद, महंत निर्भय सिंह, महंत गोपाल हरि, महंत खेम सिंह, महंत दर्शन सिंह शास्त्री, महंत वीरेंद्र सिंह, महंत परविंदर सिंह, संत बीर सिंह सहित कई संत महंत शामिल रहे।

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