यूजीसी को लेकर पूरे देश में श्रवण समाज सड़कों पर है कल सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान सरकार ने मंा ग कुछ समय हो सकते हैं कुछ बड़े बदलाव यदि 2027 चुनाव से पहले नहीं किया तो हो सकता है भारी नुकसान
देश में उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए बनाए गए नियमों (UGC Equity Regulations, 2026) पर केंद्र सरकार फिर से विचार कर रही है। सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को केंद्र ने यह जानकारी दी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अगुआई वाली पीठ ने यूजीसी को चार हफ्तों में विस्तार से जवाब दाखिल करने को कहा है।
सुप्रीम कोर्ट यूजीसी के नए दिशानिर्देशों को चुनौती देने वाली याचिका सुन रहा है। इसमें कहा गया कि इनमें जातिगत भेदभाव को सिर्फ अनुसूचित जाति (SC), जनजाति (ST), OBC तक सीमित रखा गया है, जबकि सामान्य वर्ग को बाहर रखा गया है। सुप्रीम कोर्ट इसी साल जनवरी में इन नियमों पर रोक लगा चुका है। कोर्ट ने कहा था कि नियमों का इस्तेमाल समाज में विभाजन पैदा करने वाला हो सकता है। साथ ही, रैगिंग को इन नियमों के दायरे से बाहर रखने पर भी सवाल उठाए थे। कोर्ट ने संवैधानिक अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए यह भी निर्देश दिया था कि अगले आदेश तक UGC के इस बारे में 2012 के नियम लागू रहेंगे।

