राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य और मुस्लिम राष्ट्रीय मंच के मुख्य मार्गदर्शन डॉ. इंद्रेश कुमार का बड़ा बयान आया है।
मथुरा में उन्होंने देश में सामाजिक सौहार्द्र को बनाए रखने पर जोर दिया। इंद्रेश कुमार ने राष्ट्रीय प्रतीकों की स्वीकृति और विपक्ष की राजनीति को लेकर बेहद महत्वपूर्ण बातें कहीं। वृंदावन में एक धार्मिक कार्यक्रम में भाग लेने आए इंद्रेश कुमार ने कहा कि लाखों मुसलमानों के साथ सीधे उनका संवाद हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय मुसलमान न तो विदेशी है और न ही पराया है। वह भी उतना ही भारतीय है, जितने देश के अन्य नागरिक। उनके इस बयान पर चर्चा का बाजार गरमा गया है।
मुस्लिम समुदाय के साथ हुई बैठकों का जिक्र करते हुए इंद्रेश कुमार ने कहा कि संवाद के दौरान लगभग सभी ने इस बात पर सहमति जताई है कि हर किसी को अपने अपने मत और पंथ पर चलना चाहिए। दूसरों के विचारों एवं पंथ का सामान करना चाहिए। उन्होंने अपील करते हुए कहा कि त्योहारों पर एक दूसरे की विशेषताओं और आयोजनों में मदद करें, न कि आपस में विद्वेश बनाकर लड़ाई करें। जब मिलकर त्योहार मनाएंगे तो हर किसी का माल भी बिकेगा और समाज में सद्भाव भी आएगा।

