ओडिशा में एक IPS अधिकारी ने अपनी ड्यूटी से हटकर ‘बोल बम’ यात्रा पर निकले थके-हारे श्रद्धालुओं की मदद करके ऑनलाइन खूब तारीफ बटोरी है।
SDPO अर्चिता मित्तल को जेपोर में मशहूर गुप्तेश्वर मंदिर की ओथके हुए कांवड़ियों के पैर दबाते हुए देखा गया।
यात्रा के रास्ते पर तैनात इस अधिकारी ने उन श्रद्धालुओं की मदद की जो लंबी दूरी तय करके आ रहे थे। वर्दी में श्रद्धालुओं की सेवा करती IPS अधिकारी की तस्वीरों ने लोगों का दिल जीत लिया है।
जनसेवा में सहानुभूति, विनम्रता और दयाभाव की मिसाल के तौर पर उनके इस काम की बहुत तारीफ हो रही है। इस घटना ने ऑनलाइन इस बात पर चर्चा छेड़ दी है कि कैसे अधिकार और इंसानियत साथ-साथ चल सकते हैं।
आमतौर पर, श्रावण के पवित्र महीने में सैकड़ों ‘बोल बम’ भक्त नंगे पैर मंदिर तक की पवित्र यात्रा करते हैं। उत्तर भारत में यह कांवड़ यात्रा कही जाती है। ओडिशा के बोल बम के दौरान लंबी पैदल यात्रा से तीर्थयात्री अक्सर थक जाते हैं और कई लोगों को पैरों में दर्द और तकलीफ होती है। उनकी तकलीफों को देखते हुए, मंदिर के पास ड्यूटी पर तैनात अर्चिता मित्तल ने कांवड़ियों को यात्रा की थकान और दर्द से राहत दिलाने के लिए उनके पैर दबाना शुरू कर दिया। इस काम ने लोगों का दिल जीत लिया और उन्होंने IPS अधिकारी की दया और संवेदना की तारीफ की।

