रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली हल्दी (Turmeric) पर नई स्टडी ने राहत और चिंता दोनों तरह की तस्वीर पेश की है। राहत यह कि खेतों में हल्दी सुरक्षित है, लेकिन चिंता यह कि बाजार तक पहुंचते-पहुंचते इसमें सीसे यानी Lead का खतरा बढ़ जाता है।

रसोई में रोजाना इस्तेमाल होने वाली हल्दी (Turmeric) पर नई स्टडी ने राहत और चिंता दोनों तरह की तस्वीर पेश की है। राहत यह कि खेतों में हल्दी सुरक्षित है, लेकिन चिंता यह कि बाजार तक पहुंचते-पहुंचते इसमें सीसे यानी Lead का खतरा बढ़ जाता है।

थिंक टैंक Toxics Link (टॉक्सिक्स लिंक) की रिपोर्ट के मुताबिक, खेतों से सीधे जुटाई गई कच्ची हल्दी में सीसा सुरक्षा सीमा के भीतर मिला।

इससे संकेत मिलता है कि बाजार में बिकने वाले हल्दी पाउडर में मिलने वाला अधिक सीसा कटाई के बाद प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, हैंडलिंग या जानबूझकर की जाने वाली मिलावट से पहुंच रहा है। ‘

Lead in Turmeric ‘ नाम की स्टडी में खेतों से ली गई कच्ची हल्दी की जांच की गई। सभी सैंपलों में सीसे की मात्रा 0.05 से 1.87 मिलीग्राम प्रति किलो के बीच रही।

यह फूड रेगुलेटर से तय 10 मिलीग्राम प्रति किलो की अधिकतम सीमा से काफी कम है। थिंक टैंक के सीनियर प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर पीयूष महापात्रा ने कहा कि पिछले दिनों विभिन्न रिपोर्ट्स में हल्दी पाउडर में लेड का स्तर 127 से 1245 मिलीग्राम प्रति किलो तक मिला था। फिर हमने जांच की कि हल्दी में लेड कहां से आ रहा है।

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