महिला पत्रकार रितिका चोपड़ा की रिपोर्ट चर्चा में
नई दिल्ली, 24 सितंबर 2026
इंडियन एक्सप्रेस की सीनियर पत्रकार रितिका चोपड़ा की एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट आज सियासी चर्चा में है।
रिपोर्ट में क्या है:
रितिका चोपड़ा की रिपोर्ट के मुताबिक चुनाव आयोग के दो आयुक्तों – सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज की हैं। ये आपत्तियां वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR), Form-6 में बदलाव, ECINet सॉफ्टवेयर के सेंट्रलाइजेशन और वोटर जोड़ने/हटाने के फैसलों को लेकर थीं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि SIR प्रक्रिया के तहत देशभर में 30 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में 13 करोड़ से ज्यादा नाम ड्राफ्ट लिस्ट से हटाए गए हैं, और गोवा में 97 वोटर्स तथा बंगाल में एक ही लॉगिन से 16 लाख अपील जैसे केस भी उठाए गए हैं।
चुनाव आयोग का जवाब:
चुनाव आयोग ने 23 सितंबर को प्रेस नोट जारी कर कहा कि ECI एक मल्टी-मेंबर संवैधानिक संस्था है और लिखित नोट्स, तकनीकी सुझाव और आंतरिक चर्चा उसकी सामान्य कार्यप्रणाली का हिस्सा है। आयोग ने कहा कि अंतिम फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं। b206
सियासी प्रतिक्रिया:
रिपोर्ट के बाद विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर सवाल उठाए हैं, जबकि ECI ने विभाजन की बात से इनकार किया है। 3c84
रितिका चोपड़ा को रामनाथ गोयनका और चमेली देवी जैन जैसे प्रतिष्ठित पत्रकारिता पुरस्कार मिल चुके हैं।
नोट: यह खबर इंडियन एक्सप्रेस की प्रकाशित इन्वेस्टिगेशन और ECI के आधिकारिक जवाब पर आधारित है।
क्या इसका Ganga News 24 का ब्रेकिंग पोस्टर बनाऊँ – बिना किसी व्यक्तिगत टिप्पणी के, सिर्फ रिपोर्ट के तथ्यों पर?

