गंगा नदी के किनारे प्रतिबंधित क्षेत्र में कॉलोनी बन रही है और HRDA के इंजीनियर आंख बंद करके बैठे हैं?
पूरा मामला क्या है:
- स्थान: गंगा नदी का किनारा – NGT और वन विभाग के नियमों के अनुसार ये “प्रतिबंधित क्षेत्र” है। यहां कोई भी निर्माण अवैध है।
- आरोप: वहां कॉलोनी काटकर प्लॉट बेचे जा रहे हैं।
- सवाल: HRDA के इंजीनियर, अधिकारी रोज वहीं से निकलते होंगे। फिर भी उन्हें ये अवैध निर्माण “दिखाई नहीं दे रहा”?
- आशंका: या तो मिलीभगत है या लापरवाही। दोनों ही स्थिति में ये हरिद्वार का विनाश है, विकास नहीं।
- हरिद्वार गंगा के किनारे डूब क्षेत्र है उसमें कोई भी पक्का निर्माण नहीं होता उसके बावजूद भी लगातार अवैध कालोनियां और आश्रम बनते जा रहे शिकायत करने के बावजूद भी कोई कार्वय नहीं होती
- बिना हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण के स्वीकृति के कॉलोनी किस आधार पर कट रही है
- गंगा मैया के किनारे अवैध कॉलोनी!
- प्रतिबंधित क्षेत्र में HRDA की नाक के नीचे निर्माण हो रहा है।
- क्या HRDA के इंजीनियरों को चश्मे की जरूरत है?
ये विकास नहीं, गंगा और हरिद्वार का विनाश है।

सच ये है: गंगा के 100 मीटर के दायरे में निर्माण पूरी तरह बैन है। अगर HRDA कार्रवाई नहीं करता तो कोर्ट अवमानना का केस बनता है।

