योगी सरकार ने सरकारी शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ दे रही है। वहीं,
अब योगी सरकार प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा योजना का लाभ देने की तैयारी में है।
35 हजार प्राइवेट स्कूलों का डाटा सरकार ने मांगा है। योजना का लाभ शिक्षकों और उनके आश्रितों को मिलेगा। इसके अलावा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले 10 लाख बच्चों को 12-12 सौ रुपये देने की तैयारी में योगी सरकार है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार, अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्राइवेट स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों का पंजीकरण कराए जाएं। सभी जिलों में इसका प्रोफार्मा निदेशालय की ओर से भेजा जा चुका है। कैशलेस चिकित्सा योजना के लिए विकसित पोर्टल पर पंजीकरण कराना होगा। शिक्षक अपना और अपने आश्रितों का ब्योरा आधार कार्ड के अनुसार ही भरेंगे। सत्यापन और अनुमोदन के लिए स्कूल के प्रधानाध्यापक को पहले भेजा जाएगा। इसके बाद संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को भेजा जाएगा।
सबसे अंतिम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आवेदन की स्वीकृति देगा। एक शिक्षक परिवार को एक वर्ष में पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा योगी सरकार सरकारी परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले 10 लाख विद्यार्थियों को ड्रेस-जूते खरीदने के लिए जल्द ही 12-12 सौ रुपये दिए जाएंगे। डीबीटी के माध्यम से अभिभावकों के खाते में ये रुपये भेजे जाएंगे।

