सरकार ने संसद में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में बैंकों ने ग्राहकों से उनके खातों में मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) बनाए न रखने पर लगभग ₹7,100 करोड़ की पेनल्टी वसूली।

खाते में मिनिमम एवरेज बैलेंस नहीं होने से पर बैंक पेनल्टी वसूलते हैं। अलग-अलग बैंकों में यह राशि अलग-अलग है।

सरकार ने संसद में बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में बैंकों ने ग्राहकों से उनके खातों में मिनिमम एवरेज बैलेंस (MAB) बनाए न रखने पर लगभग ₹7,100 करोड़ की पेनल्टी वसूली।

यह रकम पिछले साल के लगभग ₹6,800 करोड़ से ज्यादा है। कुल चार्ज का करीब 70% यानी ₹4,948 करोड़ प्राइवेट बैंकों ने वसूला। उनके मिनिमम एवरेज बैलेंस चार्ज में फाइनेंशियल ईयर 2026 में 17% की बढ़ोतरी हुई।

इस दौरान देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक एचडीएफसी बैंक ने लगभग ₹1,800 करोड़ वसूले। इसके बाद एक्सिस बैंक (₹1,081 करोड़) का नंबर रहा। आईसीआईसीआई बैंक ने ₹353 करोड़, कोटक महिंद्रा बैंक ने ₹290 करोड़, यस बैंक ने ₹195 करोड़ और आईडीबीआई बैंक ने ₹175 करोड़ का चार्ज लगाया।

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