41 दिन की अखंड खड़ेश्वरी तपस्या पर बैठे आचार्य मोहित शर्मा

सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने कराया शुभारंभ

41 दिन की अखंड खड़ेश्वरी तपस्या पर बैठे आचार्य मोहित शर्मा

सांसद राघव लखनपाल शर्मा ने कराया शुभारंभ

देवबंद।

श्रावण मास के शुभ अवसर पर आध्यात्मिक वातावरण के बीच हनुमंत धाम, देवी कुंड (देववृंद) के मुख्य पुजारी आचार्य मोहित शर्मा ने सोमवार से 41 दिनों की अखंड खड़ेश्वरी तपस्या का संकल्प लेकर साधना प्रारंभ की।

मूल रूप से सहारनपुर जनपद के बसेड़ा निवासी आचार्य मोहित शर्मा वर्तमान में हनुमंत धाम, देवी कुंड (देववृंद) में मुख्य पुजारी के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि खड़ेश्वरी तप एक अत्यंत कठिन साधना है, जिसमें साधक पूरे समय खड़े रहकर ही अपनी दिनचर्या, पूजा-अर्चना, ध्यान तथा अन्य आवश्यक कार्य संपन्न करता है। इस बार उन्होंने 41 दिनों तक इस तपस्या को मानव कल्याण और विश्व शांति के लिए समर्पित करने का संकल्प लिया है।

आचार्य मोहित शर्मा ने बताया कि उन्होंने महाकालेश्वर आश्रम के पीठाधीश्वर एवं राम मंदिर आंदोलन से जुड़े ब्रह्मलीन स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती जी से दीक्षा प्राप्त की थी। गुरु के मार्गदर्शन और सनातन धर्म के प्रचार-प्रसार की भावना से प्रेरित होकर उन्होंने यह कठिन साधना प्रारंभ की है।

तपस्या के शुभारंभ से पूर्व भगवान नर्मदेश्वर महादेव का रुद्राभिषेक तथा मां भगवती त्रिपुर बाला सुंदरी की विशेष पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद सहारनपुर के सांसद श्री राघव लखनपाल शर्मा ने आचार्य मोहित शर्मा को पटका एवं पगड़ी पहनाकर खड़ेश्वरी तपस्या का विधिवत शुभारंभ कराया।

इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और आचार्य मोहित शर्मा के सफल तप एवं मानव कल्याण की कामना की। श्रद्धालुओं ने श्रावण मास में प्रारंभ हुई इस साधना को सनातन संस्कृति, आस्था और तप की एक प्रेरणादायक परंपरा बताया।

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