लखनऊ/अयोध्या: श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने सोमवार (6 जुलाई 2026) को हुई अपनी अहम बैठक में बड़े प्रशासनिक बदलाव किए हैं।
ट्रस्ट ने चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे स्वीकार करने के बाद उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी और ट्रस्टी कृष्ण मोहन को नया अंतरिम महासचिव नियुक्त किया है।
अब राम मंदिर के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों की पूरी जिम्मेदारी कृष्ण मोहन के हाथों में होगी।
गौरतलब है कि राम मंदिर में हुए चढ़ावा चोरी मामले की पुलिस तहरीर कृष्ण मोहन ने ही दी थी, जिसके बाद से वह काफी चर्चाओं में आए थे।
#### **कौन हैं कृष्ण मोहन?**
* **जन्म और पृष्ठभूमि:** कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ था। उनके पिता रेलवे में एक अधिकारी थे। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र (सिकंदरपुर बाजार) के रहने वाले हैं।
* **शिक्षा:** उन्होंने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी (M.Sc.) की डिग्री हासिल की।
* **करियर (वैज्ञानिक से आईएफएस अधिकारी तक):** उच्च शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने लगभग पांच वर्षों तक परमाणु ऊर्जा विभाग (Atomic Energy Department) में एक वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। इसके बाद उनका चयन प्रतिष्ठित भारतीय वन सेवा (IFS) में हुआ, जहां उन्हें महाराष्ट्र कैडर मिला। वर्ष 2012 में वह अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्ति के बाद से वे लगातार सामाजिक और जनसेवा के कार्यों में सक्रिय रहे हैं।
#### **महासचिव बनते ही क्या बोले कृष्ण मोहन?**
पदभार संभालने के बाद नए अंतरिम महासचिव कृष्ण मोहन ने कहा, “कहीं न कहीं प्रबंधन और संचालन में कुछ कमियां रह गई थीं। जहां कहीं भी खामियां (लूप होल्स) हैं, अब उन्हें बंद करना ही मेरा पूरा प्रयास रहेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “हालिया घटनाक्रमों से समाज में जो माहौल बना है, उससे हमारे न्यास (ट्रस्ट) की छवि धूमिल हुई है। मेरा और सभी न्यासियों का यह प्रयास रहेगा कि हम इस छवि को सुधारें। राम जन्मभूमि में दर्शनार्थियों द्वारा दान की जाने वाली शिलाओं और चढ़ावे का प्रबंधन पूरी तरह से पारदर्शी (Transparent) रखा जाएगा। न्यास के प्रति बने अविश्वास को दूर किया जाएगा।” उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे अधिकृत लोगों से पुष्टि करने के बाद ही सत्य खबरें प्रकाशित करें।
#### **पारदर्शिता के लिए बनेगी नई समिति, 22 जुलाई को अगली बैठक**
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में भविष्य की व्यवस्थाओं को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए एक छोटी विशेष समिति गठित करने का निर्णय लिया गया है। ट्रस्ट की अगली महत्वपूर्ण बैठक 22 जुलाई को तय की गई है, जिसमें एसआईटी (SIT) की जांच रिपोर्ट की प्रगति की समीक्षा की जाएगी और नए न्यासियों की नियुक्ति पर भी विचार होगा। ट्रस्ट ने साफ किया है कि चढ़ावा चोरी में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

