🚩 बद्रीनाथ धाम में DJ का शोर या तीर्थ की मर्यादा?
जहाँ करोड़ों श्रद्धालु भगवान बदरीविशाल की तपोभूमि में शांति, साधना और आध्यात्मिक अनुभूति के लिए आते हैं, वहीं बद्रीनाथ टूरिस्ट अराइवल प्लाजा में आयोजित देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल के दौरान तेज़ संगीत और DJ को लेकर भगवान शंकराचार्य जी ने सवाल उठाए हैं।
बद्रीनाथ केवल एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि सनातन परंपरा का अत्यंत पवित्र तीर्थ है। ऐसे स्थानों पर धार्मिक मर्यादा, स्थानीय परंपराओं और तीर्थ की आध्यात्मिक गरिमा सर्वोपरि होनी चाहिए।

सवाल किसी सांस्कृतिक कार्यक्रम के विरोध का नहीं है—सवाल यह है कि बद्रीनाथ जैसे पवित्र धाम के वातावरण के अनुरूप कार्यक्रम की मर्यादा और ध्वनि-व्यवस्था क्यों नहीं रखी गई?
और यदि इस क्षेत्र की धार्मिक परंपराओं एवं व्यवस्थाओं से जुड़े सभी संबंधित पक्षों की भूमिका है, तो ऐसे आयोजनों से पहले समन्वय और आवश्यक अनुमति/अनापत्ति की प्रक्रिया स्पष्ट और पारदर्शी क्यों नहीं होनी चाहिए?
🙏 बद्रीनाथ धाम को पर्यटन से पहले तीर्थ की दृष्टि से देखना होगा।
॥ जय बदरी विशाल ॥ 🚩

