कुम्भ नगरी हरिद्वार एवं ऋषिकेश को संस्कृत नगरी बनाया जाएगा
हरिद्वार। उत्तराखंड सरकार के संस्कृत शिक्षा विभाग के अपर सचिव श्री कवीन्द्र सिंह ने आज उत्तराखंड संस्कृत संस्थान (संस्कृत अकादमी) हरिद्वार का औचक निरीक्षण किया।
उन्होंने संस्थान के नियमित कार्यों, शोध, प्रकाशन एवं खण्ड स्तरीय, जनपद स्तरीय और राज्य स्तरीय संस्कृत प्रतियोगिताओं की तैयारियों की समीक्षा की। संस्थान के सचिव प्रो. (डॉ) विनय विद्यालंकार ने परिसर में उनका स्वागत किया।
निरीक्षण के दौरान कुंभ मेले में संस्थान द्वारा आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। अपर सचिव ने सचिव को निर्देश दिए कि स्थानीय प्रशासन से समन्वय बनाकर कुंभ नगरी हरिद्वार एवं ऋषिकेश को संस्कृत नगरी बनाने की विस्तृत योजना प्रस्तुत की जाए।

कुंभ 2027 के लिए योजना –
- सभी तीर्थयात्रियों का स्वागत संस्कृत में होगा
- रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन पर कुली और पुलिसकर्मी भी संस्कृत में सामान्य वाक्य बोलेंगे
- बड़े होर्डिंग्स और प्रवेश द्वारों पर WELCOME की जगह ‘स्वागतम्’ और अन्य संदेश संस्कृत में लिखे जाएंगे
प्रो. विद्यालंकार ने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री, संस्कृत शिक्षा मंत्री एवं सचिव संस्कृत शिक्षा श्री दीपक कुमार गैरोला का पूर्ण संरक्षण प्राप्त है। जल्द ही बड़े स्तर पर संस्कृत संभाषण प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अवसर पर प्रशासनिक अधिकारी लीला रावत सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
– गंगा न्यूज़ 24 / संपादक: कुलदीप शर्मा

