मनोज ठाकुर
विशेष रिपोर्ट | हरिद्वार • ऋषिकेश
अर्द्धकुंभ (सरकारी कुंभ) क्षेत्र ऋषिकेश व हरिद्वार में गंगा की स्थिति चिंताजनक, CAG रिपोर्ट ने खोली नमामि गंगे की पोल
गंगा में प्रदूषण को लेकर नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्ट ने नमामि गंगे कार्यक्रम की पोल खोल दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि गंगा में 32 गुना प्रदूषण बढ़ा है और हरिद्वार व ऋषिकेश में स्थिति चिंताजनक है।
CAG रिपोर्ट के बड़े खुलासे –
▪️ 37 सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) में से 12 ही मानक पर काम कर रहे, बाकी बिना उपचारित सीवेज गंगा व सहायक नदियों में छोड़ा जा रहा है।
▪️ वर्ष 2018 से 2023 तक ऑडिट रिपोर्ट में बताया गया है कि 7 शहरों के 21 STP से घरेलू कनेक्शन नहीं जुड़ा है।
▪️ सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के मानकों के अनुसार काम नहीं कर रहे हैं।
▪️ हरिद्वार में 68,802 घरों में से सिर्फ 47,728 घर ही सीवर से जुड़े हैं।
बड़ा सवाल – अर्द्धकुंभ को दिव्य-भव्य कुंभ की डींग मार रहे मुख्यमंत्री धामी क्या सीवर युक्त गंगाजल में कराएंगे राजनीतिक कुंभ?
जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली जिला समिति गंगा में प्रदूषण नियंत्रण के लिए क्या काम कर रही है? या केवल बैठक की रस्म अदायगी कर रही है।
हरिद्वार में सीवर युक्त नालों के गंगा में गिरने को लेकर एक याचिका राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) में विचाराधीन होने के बाद भी जिलाधिकारी व मेलाधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

