आज मातृसदन में परम पूज्य श्री गुरुदेव ने जंतर-मंतर पर चल रहे सत्याग्रह के समर्थन में एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
आज मातृसदन में परम पूज्य श्री गुरुदेव ने जंतर-मंतर पर चल रहे सत्याग्रह के समर्थन में एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
आज जंतर-मंतर से श्री सोनम वांगचुक जी को जिस प्रकार दिल्ली पुलिस द्वारा बलपूर्वक उठाया गया, वह लोकतंत्र और संविधान पर सीधा प्रहार है। जिस प्रकार पुलिस ने परिसर में प्रवेश किया और सत्याग्रहियों को दबाने का प्रयास किया, यह बताता है कि सत्ता अब कितनी निरंकुश हो चुकी है।
आज मातृसदन में परम पूज्य श्री गुरुदेव ने जंतर-मंतर पर चल रहे सत्याग्रह के समर्थन में एक महत्वपूर्ण पत्रकार वार्ता को संबोधित किया।
परम पूज्य श्री गुरुदेव ने कहा कि यह दृश्य मातृसदन के उन काले अध्यायों की याद दिलाता है, जब पूर्व में भी संतों के सत्याग्रह को इसी प्रकार बलपूर्वक समाप्त करने का प्रयास किया गया। वर्ष 2011 में स्वामी निगमानंद जी तथा वर्ष 2018 में स्वामी सानंद जी को भी स्वास्थ्य परीक्षण के नाम पर आश्रम से उठाकर सरकारी अस्पतालों में ले जाया गया जहां उनकी हत्या करवा दी गई। उनकी मृत्यु को लेकर गंभीर प्रश्न आज भी अनुत्तरित हैं। स्वामी निगमानंद जी के मामले में सीबीआई तक को मैनेज कर लिया गया, जबकि स्वामी सानंद जी के पार्थिव शरीर को एम्स द्वारा आश्रम को नहीं सौंपा गया।
श्री गुरुदेव ने कहा कि यदि लोकतांत्रिक अधिकारों का इसी प्रकार दमन जारी रहा तो श्री सोनम वांगचुक जी के साथ भी ऐसेही बर्बरतापूर्ण व्यवहार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
परम पूज्य श्री गुरुदेव ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की नीतियों की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यदि शांतिपूर्ण सत्याग्रह करने वालों को अपराधियों की तरह घसीटा जाएगा, तो इन्हें भी नहीं भूलना चाहिए कि बड़े से बड़े सत्ताधीशों का साम्राज्य भी हमेशा के लिए नहीं टिका है। सत्ता का दायित्व जनता की आवाज़ को सुनना है, उसे पुलिस बल के सहारे कुचलना नहीं।
मातृसदन देशवासियों विशेषकर युवाओं से आह्वान करती है कि सत्य, न्याय और अहिंसक जनआंदोलनों के समर्थन में एकजुट होकर लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करें।
सत्यमेव जयते।

