5 करोड़ मुकदमे पेंडिंग हैं… जनता तारीख-पर-तारीख के चक्कर में अपनी चप्पलें घिस रही है, ज़िंदगी कोर्ट के चक्कर काटते-काटते बीत रही है।
लेकिन हमारे हुक्मरानों की प्राथमिकताएं देखिए!
चीफ जस्टिस, कानून मंत्री और 150 VIP लोग लंदन में “बैडमिंटन आयोजन” के नाम पर देश के करोड़ों रुपये फूंक रहे हैं।
सवाल ये है कि:
जिस कार्यक्रम का आयोजन भारत में बड़े आराम से हो सकता था, उसके लिए पूरे लाव-लश्कर के साथ विदेश दौरे की क्या ज़रूरत थी?
कल तक इसी जनता को ज्ञान दिया जा रहा था—विदेशी मुद्रा बचाओ! पेट्रोल कम खरीदो! देशहित में त्याग करो!
यानी सारा त्याग, सारी समझदारी और सारा बोझ सिर्फ आम जनता उठाए? और VIP वर्ग हमारे टैक्स के पैसों पर विदेश में सैर-सपाटा करे?
जब ऐसे वीआईपी दौरों पर सवाल उठते हैं, तो कहा जाता है कि न्यायपालिका और सरकार के रिश्तों पर शक मत करो। लेकिन जब जनता की गाढ़ी कमाई का पैसा इस तरह उड़ाया जाएगा, तो सवाल तो उठेंगे ही!
त्याग सिर्फ जनता के लिए और ऐश VIPs के लिए?
देश अब सब देख रहा है।
और देश अब जवाब मांग रहा है!
5 करोड़ मुकदमे पेंडिंग हैं… जनता तारीख-पर-तारीख के चक्कर में अपनी चप्पलें घिस रही है, ज़िंदगी कोर्ट के चक्कर काटते-काटते बीत रही है।लेकिन हमारे हुक्मरानों की प्राथमिकताएं देखिए!चीफ जस्टिस, कानून मंत्री और 150 VIP लोग लंदन में “बैडमिंटन आयोजन” के नाम पर देश के करोड़ों रुपये फूंक रहे हैं।

