बागपत कलेक्ट्रेट सभागार में सोमवार को जनसुनवाई के दौरान महिला आयोग सदस्या ने सीजेपी प्रोटेस्ट को लेकर सवाल उठाए है।
उन्होंने कहा कि मैंने छात्राओं की ऐसी वीडियो देखी जिसमे वो भद्दी गालियां दे रही थी। छात्रों को धरना प्रदर्शन उनका अधिकार है लेकिन मर्यादा को पार करना उचित नहीं है। छात्रों की बदतमीजी के बाद ही पुलिस ने लाठी चलाई थी।
महिला आयोग की सदस्या मीनाक्षी भराला सोमवार को बागपत जिला कलेक्ट्रेट सभागार में महिला संबंधी मामलों में जनसुनवाई कर थी। महिला आयोग सदस्य मीनाक्षी भराला ने बताया कि 12 से 15 केस आए है, जिसमें कुछ पहले से चल रहे है। कुछ में समझौता कराया जा रहा है। गंभीर मामलों में संबंधित थाना प्रभारियों से बात की गई है। महिला सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। बातचीत के दौरान उनसे दिल्ली सीजेपी धरने को लेकर बात की गई जिसमें उन्होंने कहा कि धरना देना छात्रों का अधिकार है, लेकिन मैंने ऐसी वीडियो देंखी जिसमें छात्र तो भद्दी-भद्दी गालियां दे ही रहे थे। छात्राएं उनसे भी भद्दी- भद्दी गालियां दे रही थी। छात्रों को धरने में संयम रखना चाहिए था। लेकिन उन्होंने जो बतमीजी की उसके बाद वहां की स्थिति खराब हुई और पुलिस ने लाठियां चलाई।

