भोपाल की पूर्व मॉडल और कॉर्पोरेट प्रोफेशनल ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की एक टिप्पणी ने पूरे देश को भावुक कर दिया।
उन्होंने कहा कि “मरी हुई बेटी से तलाकशुदा बेटी कहीं बेहतर होती है” और माता-पिता को यह संदेश दिया कि यदि बेटियां ससुराल में प्रताड़ना या अत्याचार की शिकायत करें, तो समाज और लोकलाज के डर से उन्हें चुप रहने या “एडजस्ट” करने की सलाह देने के बजाय उनकी सुरक्षा और जिंदगी को प्राथमिकता देनी चाहिए।
सुनवाई के दौरान ट्विशा द्वारा अपनी मां को भेजे गए कथित आखिरी संदेशों का भी जिक्र किया गया। वहीं, अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंप दी है, ताकि निष्पक्ष तरीके से पूरे मामले की जांच हो सके।
यह मामला अब सिर्फ एक कानूनी लड़ाई नहीं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा, पारिवारिक सोच और समाज की संवेदनशीलता पर भी बड़ा सवाल बनकर सामने आया है।

