अपने अधिकारों को जाने
हेडलाइन: लोन की किस्त से चूके! डरिए मत, अधिकार जानें
खबर का सार:
- सबसे बड़ी बात: लोन न चुका पाना अपराध नहीं है, सिर्फ वित्तीय चूक है। सुप्रीम कोर्ट और RBI ने भी साफ किया है कि बैंक जबरदस्ती या धमका कर वसूली नहीं कर सकते।
- 1 जनवरी 2027 से क्या बदलेगा?
RBI नया सख्त रिकवरी फ्रेमवर्क ला रहा है:- रिकवरी एजेंट को बैंक की वेबसाइट पर रजिस्टर होना जरूरी
- एजेंट सुबह 8 से शाम 7 बजे तक ही संपर्क कर सकते हैं
- गाली-गलौज, धमकी, परिवार को परेशान करना पूरी तरह बैन
- नियम तोड़ने पर बैंक को 250 रुपये प्रति घंटे मुआवजा देना होगा
- अगर रिकवरी एजेंट बदतमीजी करे तो क्या करें?
- ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग करें
- एजेंट का नाम, ID और लेटर मांगें
- सबसे पहले बैंक को लिखित शिकायत दें
- 30 दिन में समाधान न हो तो
cms.rbi.org.inपर RBI को शिकायत करें - धमकी/मारपीट हो तो सीधे पुलिस स्टेशन जाएं
- रिकवरी एजेंट क्या नहीं कर सकते?
डराना-धमकाना, अपमानजनक भाषा, घर/ऑफिस में जबरदस्ती घुसना, रिश्तेदारों-दोस्तों को फोन करना, सोसायटी में नाम खराब करना।
केस लॉ: ICICI Bank vs Prakash Kaur और Finance Ltd vs Vijayalakshmi में सुप्रीम कोर्ट ने बैंक की गुंडागर्दी वाली वसूली की निंदा की है।
हरिद्वार के लोगों के लिए नोट:
अगर कोई लोन एजेंट आपको परेशान कर रहा है तो घबराएं नहीं। पहले शांति से अधिकार मांगें और सबूत रखें।

