मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय के समर्थन में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने शनिवार को यूपी पुलिस डीजीपी को पत्र लिखा है।
मेरठ एसएसपी अविनाश पांडेय और उनके परिवार को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ आसामाजिक तत्वों ने अभद्र टिप्पणी के साथ धमकी दी हैं। जिसके बाद आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को पत्र लिख कर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को लिखे पत्र में कहा है कि फेसबुक पर प्रसारित और हजारों लोगो में शेयर हो चुके एक वीडियो में एसएसपी मेरठ अविनाश पांडेय, उनके परिवार पर अपमानजनक बातें कही गई हैं। उन्होंने कहा कि एसएसपी को कथित रूप से जिंदा जला देने सहित अन्य गंभीर धमकी भरे पोस्ट किए गए हैं।
अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी से कहा कि सार्वजनिक आह्वान करना और उनके परिवार वालों के प्रति आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग किया जाना, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता नहीं बल्कि गंभीर आपराधिक तथा सामाजिक दुष्कृत्य है। ये प्रथमद्रष्टया धारा 353, धारा 352, धारा 351 बीएनएस के तहत अपराध है।
उन्होंने मांग की है, फेसबुक वीडियो का तत्काल संज्ञान लेकर, हेट स्पीच वीडियो को सोशल मीडिया से हटाया जाए और कार्रवाई की जाए। हालांकि, दो दिन पहले ही अमिताभ ठाकुर ने पुलिसिया कार्रवाई को लेकर, एसएसपी मेरठ अविनाश पाण्डेय के विरुद्ध राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी।
दलित छात्रा की हत्या मामले में बुधवार को हंगामा कर रहे प्रदर्शनकारियों पर पुलिसिया कार्रवाई के बाद मेरठ एसएसपी अविनाश पांडेय और उनके परिवार को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ आसामाजिक तत्वों ने अभद्र टिप्पणी के साथ धमकी दी हैं।
जिसके बाद आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर ने डीजीपी को पत्र लिख कर ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडेय के समर्थन में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने शनिवार को यूपी पुलिस डीजीपी को पत्र लिखा है।

