इलाहाबाद हाई कोर्ट में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती से जुड़े अवमानना मामले में गुरुवार को महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया।
नाबालिगों से जुड़े पॉक्सो प्रकरण, न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप के आरोप और कथित तौर पर पीड़ित परिवारों पर दबाव बनाने जैसे गंभीर आरोपों के बीच सुनवाई कर रहे न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने खुद को मामले की सुनवाई से अलग कर लिया।
इसके बाद अब यह मामला नई पीठ के समक्ष रखा जाएगा। अदालत के इस घटनाक्रम ने मामले को लेकर कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट में गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने स्वयं को इस केस की सुनवाई से अलग कर लिया।
उन्होंने मामले को किसी अन्य पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का अनुरोध किया। इसके बाद अब मुख्य न्यायाधीश के नामांकन के अनुसार दूसरी पीठ इस याचिका पर आगे सुनवाई करेगी।

