लखनऊ की KGMU के आयुष विभाग प्रभारी डॉ. सुनीत कुमार मिश्रा का दावा है कि मोबाइल कवर में बिल्वपत्र, पीपल या तुलसी का पत्ता रखने से फोन का रेडिएशन कम असर करता है।
उनके मुताबिक इससे फोन चलाने और रील्स देखने की आदत भी धीरे-धीरे कम होती है। ये पत्ते दिमाग और शरीर को रिलैक्स करते हैं। बच्चों का पढ़ाई में मन लगने लगता है। डॉ. मिश्रा इसे एक तरह की थेरेपी मानते हैं और बताते हैं कि इस पर हाई लेवल रिसर्च भी चल रही है। डॉक्टर साहब का कहना है कि देर रात तक मोबाइल चलाने वालों में चिड़चिड़ापन ,अनिद्रा ,भूख न लगना, याददाश्त में कमी आना जैसी तमाम बीमारियां जन्म ले लेती हैं
KGMU में दवाओं के साथ पारंपरिक तरीकों और काउंसलिंग से मरीजों को मोबाइल-रील्स की लत से बाहर निकाला जा रहा है। विभाग में हर महीने औसतन 15 मरीज इस लत से परेशान होकर इलाज कराने आते हैं। डॉ. साहब का कहना है कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में इसके अच्छे नतीजे मिल रहे हैं।

