तमिलनाडु की सियासत में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. यहां द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) की वर्षों पुरानी सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने आधिकारिक तौर पर डीएमके नीत सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस (SPA) से अलग होने का फैसला कर लिया है. इसके बाद अब माना जा रहा है कि अब तक विपक्षी इंडिया गठबंधन का हिस्सा रही डीएमके के लिए एनडीए में शामिल होने का रास्ता साफ हो गया है. डीएमके के एनडीए में जुड़ने से मोदी सरकार लोकसभा में 2/3 बहुमत यानी 360 वोटों का आंकड़ा पार कर सकती है, जिससे उसके लिए परिसीमन और महिला आरक्षण जैसे महत्वाकांक्षी विधेयक पारित कराना आसान हो जाएगा.
हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्लिम लीग यानी IUML ने चेन्नई में आयोजित अपनी जनरल काउंसिल बैठक में 14 प्रस्ताव पारित किए, जिनमें डीएमके गठबंधन से अलग होने का प्रस्ताव भी शामिल था. पार्टी ने साफ किया कि विधानसभा चुनाव के बाद उसने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के नेतृत्व वाली तमिलगा वेत्री कझगम (TVK) सरकार को समर्थन दिया था और अब मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में डीएमके गठबंधन में बने रहना संभव नहीं है.

