गीता 4.13 – चातुर्वर्ण्यं मया सृष्टं गुणकर्मविभागशः
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा – चार वर्णों की रचना मैंने गुण और कर्म के आधार पर की है, जन्म के आधार पर नहीं।
- ब्राह्मण: ज्ञान, शांति, संयम
- क्षत्रिय: साहस, नेतृत्व, रक्षा
- वैश्य: कृषि, व्यापार, उद्यम
- शूद्र: सेवा, परिश्रम, सहयोग
मनुष्य का मूल्य उसके गुण, कर्म और आचरण से है – जन्म से नहीं।
योगेश्वर भगवान श्रीकृष्ण के अवतरण दिवस जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं | गीता के अनुसार वर्ण व्यवस्था गुण-कर्म आधारित है
संपादक – कुलदीप शर्मा | Ganga News 24, Haridwar
भगवान श्रीकृष्ण ने कहा – चार वर्णों की रचना मैंने गुण और कर्म के आधार पर की है, जन्म के आधार पर नहीं।

